देश

भारत में मिला मंकीपॉक्स का दूसरा मरीज, UAE से लौटे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि

Monkeypox Cases in India: भारत में मंकीपॉक्स का दूसरा मरीज मिला है। दुबई से केरल लौटे एक शख्स में संक्रमण की पुष्टि की गई है।

Image

भारत में मिला मंकीपॉक्स का दूसरा मरीज

Photo : BCCL

Monkeypox Cases in India: भारत में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल के मलप्पुरम में एक और व्यक्ति में एमपॉक्स संक्रमण की पुष्टि हुई है। केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि दुबई से लौटे 38 वर्षीय शख्स का सैंपल पॉजिटिव पाया गया है। केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मंकीपाक्स के लक्षण दिखने के बाद व्यक्ति एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हो गया था। हालांकि, बाद में पता चलने पर उसे आइसोलेट किया गया। उसके सैंपल को एमपॉक्स की पुष्टि के लिए भेजा गया था, जिसके बाद सैंपल पॉजिटिव पाया गया है।

बता दें, कुछ दिन पहले ही भारत में पहला मंकीपॉक्स पीड़ित मरीज सामने आया था। दक्षिण अफ्रीका से हरियाणा लौटे 26 वर्षीय व्यक्ति में एमपॉक्स वायरस के लक्षण मिले थे। वायरस की पुष्टि होने के बाद उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शरीर में चकत्ते और बुखार

केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एडवाना निवासी व्यक्ति के यूएई से लौटेने के कुछ दिनों बाद शरीर पर चकत्ते बन गए और उसे बुखार भी हो गया। व्यक्ति को सोमवार को मंजेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसे आइसोलेट कर दिया गया था। बता दें, केरल में 23 वर्षीय छात्र की पिछले सोमवार को मौत हो गई थी। अभी कुछ दिन पहले ही उसके नमूने में निपाह वायरस की पुष्टि हुई थी।

175 लोगों को किया गया ट्रेस

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि निपाह वायरस से मरने वाले छात्र के 175 संपर्कों की पहचान की गई है। 13 नमूनों की जांच नेगेटिव आई है। 26 लोग सबसे ज्यादा जोखिम वाली श्रेणी में हैं। इस श्रेणी के लिए 7 से 9 दिन महत्वपूर्ण हैं और उन सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अभी तक, चिंता की कोई बात नहीं है। एक सर्वे चल रहा है और मृतक की कॉल डिटेल के आधार पर रूट मैप तैयार है और सभी चीज़ों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article