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स्वदेशी हथियारों की बदौलत घुटनों पर आया दुश्मन, दुनिया ने जाना आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख: मोदी

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समाज सुधारक श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच बातचीत के शताब्दी समारोह के अवसर पर बोलते हुए ऑपरेशन सिंदूर पर कुछ बातें कहीं। जिसमें बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि भारत में बने हथियारों ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान अपना असर दिखाया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना ने 22 मिनट में भारत में निर्मित हथियारों से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोलते प्रधानमंत्री (@BJP4India)

Photo : Twitter

Operation Sindoor: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है और उनकी सरकार राष्ट्रीय हित में जो भी कदम उचित हों, उठाती है। आध्यात्मिक संत और समाज सुधारक श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच बातचीत के शताब्दी समारोह के अवसर पर उन्होंने देश का नाम लिए बिना कहा कि भारत में निर्मित हथियारों ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान अपना प्रभाव दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिखाया है कि भारतीयों का खून बहाने वाले आतंकवादियों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आध्यात्मिक संत श्री नारायण गुरु के आदर्शों पर काम किया है, जो भेदभाव से मुक्त मजबूत भारत चाहते थे। मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उनकी सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में भारत को मजबूत बनाने के लिए काम किया है। अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता कम हो रही है और यह रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की हत्या के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक हमलों के संदर्भ में कहा कि भारतीय सेना ने 22 मिनट में भारत में निर्मित हथियारों से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। उन्हें विश्वास है कि भविष्य में भारत में निर्मित हथियारों को दुनिया भर में सराहा जाएगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने आवास, पेयजल और स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य क्षेत्रों में अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इनसे समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाया गया है। साथ ही उन्होंने यह जानकारी दी थी कि पिछले 11 वर्षों में, इससे पहले की तुलना में अधिक संख्या में आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान खोले गए हैं।

(इनपुट-भाषा)

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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