हरविंदर सिंह संधू मोदी सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। केंद्र ने जम्मू एंड कश्मीर गजनवी फोर्स (JKGF) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका गठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों की मदद करने के लिए किया गया था। इसके अलावा सरकार ने खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिसका उद्देश्य पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है।
एक को आतंकी घोषित
एक अलग अधिसूचना के अनुसार पाकिस्तान में रह रहे और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा को आतंकवादी घोषित किया गया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, जेकेजीएफ जम्मू कश्मीर में घुसपैठ प्रयासों, मादक पदार्थों एवं हथियारों की तस्करी, आतंकवादी हमले करने और सुरक्षाबलों को नियमित रूप से धमकियां देने मे शामिल रहा है। यह संगठन भारत के विरूद्ध आतंकवादी संगठनों से जुड़ने के लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को उकसाने के वास्ते सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल भी करता रहा है।
आतंकी घटनाओं में लिप्त
गृह मंत्रालय ने बताया कि जेकेजीएफ लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, तहरीक-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और अन्य आतंकवादी संगठनों के आतंकवादियों को इस संगठन में शामिल करता रहा है। अधिसूचना के मुताबिक, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनयम (यूएपीए) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जेकेजीएफ को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि इस आतंकवादी समूह ने देश में आतंकवाद के विभिन्न कृत्यों को अंजाम दिया है। जेकेजीएफ आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गैरकानूनी घोषित किया जाने वाला 43वां समूह है।
केटीएफ की कहानी
केटीएफ 2011 में अस्तित्व में आया था, जो गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। केटीएफ बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा संगठन है। गृह मंत्रालय ने बताया कि केटीएफ एक आतंकवादी संगठन है और इसका उद्देश्य खालिस्तान के एक अलग राज्य के गठन के अपने एजेंडे को प्राप्त करना है और पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है। यह संगठन भारत की क्षेत्रीय अखंडता, एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देता है।
कौन है हरविंदर सिंह संधू
पाकिस्तान में रह रहे और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा को आतंकवादी घोषित किया गया है। संधू को 2021 में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमले के षडयंत्रकर्ताओं में से एक माना जाता है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ भी जारी किया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि हरविंदर सिंह संधू के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के साथ सीधे संबंध हैं और वह बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों के अलावा हथियारों और गोला-बारूद की सीमा पार तस्करी में भी शामिल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि वह पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और जबरन वसूली जैसी विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। सिंह अब सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए जाने वाला 54वां व्यक्ति है।
लगातार हो रही कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले महीने, केंद्र सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के दो प्रॉक्सी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था और चार व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया था। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’(टीआरएफ) को पांच जनवरी को प्रतिबंधित समूह घोषित किया गया था।
