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भतीजे को उत्तराधिकारी बनाने के बाद क्या बोलीं मायावती? मोदी सरकार के लिए किया ये बड़ा दावा

UP Politics: मायावती ने दावा किया है कि केंद्र की मोदी सरकार कभी भी अस्थिर हो सकती है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी जनाधार को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाएं। रविवार को ही बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।

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केंद्र सरकार पर बरसीं मायावती।

Photo : Times Now Digital

Mayawati Big Claim on Modi Sarkar: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र की मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार किसी भी वक्त अस्थिर हो सकती है लिहाजा पार्टी कार्यकर्ता पूरे देश में अपने मिशन से जुड़े लोगों को आगे बढाकर बसपा के जनाधार को युद्धस्तर पर बढ़ाएं।

पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दी नसीहत

हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में बसपा की पराजय के बाद मायावती ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक में मायावती ने कहा, 'वर्तमान में केंद्र की भाजपा एवं उसकी राजग सरकार पूर्ण रूप से स्थिर नहीं है। उसके कभी भी अस्थिर होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में पार्टी के लोगों को पूरे देश में संगठन में मिशनरी लोगों को आगे करके पार्टी के जनाधार को युद्धस्तर पर बढ़ाना है, ताकि हर स्तर पर पार्टी मजबूत हो सके।'

मायावती ने भतीजे को फिर बनाया उत्तराधिकारी

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने करीब डेढ़ माह बाद अपना फैसला पलटते हुए रविवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के राष्‍ट्रीय समन्वयक का दायित्व सौंपते हुए उन्हें फिर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। इसके पहले लोकसभा चुनाव के बीच में ही सात मई को उन्होंने आकाश आनंद को अ‍परिपक्‍व करार देते हुए इन दायित्वों से मुक्त कर दिया था।

लोकसभा चुनाव में हार पर क्या बोलीं मायावती?

मायावती ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों ने संविधान बचाने तथा अन्य मुद्दों को लेकर गलत प्रचार करके मतदाताओं को गुमराह किया जिससे बसपा को जबरदस्त नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, 'चुनाव में खासकर गरीब और कमजोर वर्गों के लोग किसी न किसी मुद्दे को लेकर गुमराह हो जाते हैं और अपनी ‘एक मात्र हितैषी’ पार्टी बसपा को नुकसान पहुंचाकर उनका ही शोषण करने वाली पार्टी को सत्तासीन करा देते हैं। यह कतई उचित नहीं है। उन्हें बार-बार गुमराह होने की अपनी आदत छोड़नी होगी।'

बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर बोला जुबानी हमला

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा राज में संविधान को खतरा बताने वाली कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'जिस कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान सभा में आने से रोकने के लिये तरह-तरह के हथकंडे अपनाये थे, वह उनके द्वारा बनाये गये संविधान को बचाने की बात कैसे कर सकती है?' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आरक्षण तथा अन्य जरूरी मुद्दों पर जब बाबा साहेब की बात नहीं मानी, तब उन्होंने हताश होकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके साथ बसपा प्रमुख ने बहुजन समाज के वर्गों को एकजुट होकर अपनी अलग से राजनैतिक पार्टी बनाकर केंद्र और राज्यों की सत्ता भी अपने हाथों में लेने की सलाह दी थी ताकि वे संविधान में दिये गये कानूनी अधिकारों का पूरा लाभ ले सकें। उन्होंने निकट भविष्य में देश के कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाने की हिदायत दी। साथ ही देश के वर्तमान राजनैतिक हालात पर भी चर्चा करते हुये पार्टी के लोगों को सचेत और हमेशा तैयार रहने के लिए भी कहा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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