Indian Defence Forces Joint Briefing on Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय सेना के तीनों अंगों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (DGMO Lt Gen Rajeev Ghai) ने कहा कि सेना ने उन नौ आतंकी ठिकानों पर किए और इन हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे उच्च मूल्य के लक्ष्य शामिल थे, जो आईसी 814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया और हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया नागरिकों, बसे हुए गांवों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों की संख्या से स्पष्ट थी, जो दुर्भाग्य से उनके हमले में मारे गए, जिससे कई लोगों की जान चली गई। भारतीय वायु सेना ने इन हमलों में इनमें से कुछ शिविरों पर हमला करके एक प्रमुख भूमिका निभाई और भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों के मामले में साधन प्रदान किए। भारतीय वायु सेना के पास आसमान में हथियार थे।
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की थी समीक्षा बैठक
बता दें कि इससे पहले भारतीय सेना ने बताया कि शनिवार की रात को संघर्ष विराम और वायु क्षेत्र उल्लंघन की घटनाओं के बाद भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की थी। थलसेना प्रमुख ने 10 मई को हुई डीजीएमओ वार्ता के तहत बनी सहमति के उल्लंघन होने की स्थिति में काइनेटिक डोमेन यानी जवाबी कार्रवाई के लिए सेना के कमांडरों को पूरी छूट दे दी है। सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर किसी भी तरह के उल्लंघन पर सेना तुरंत और प्रभावी जवाब देगी।
इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है, जिसका सेना जवाब दे रही है। इसके साथ ही सेना को जवाबी कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से यह कार्रवाई अत्यंत निंदनीय है और इसकी पूरी जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। उल्लेखनीय है कि तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हुआ था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया था कि शनिवार शाम पांच बजे से सीजफायर लागू हो गया, लेकिन महज चार घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया और सीमा पार से गोलीबारी शुरू की। साथ ही कई शहरों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया।
