दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया के साथ मेंटल टॉर्चर हुआ है। यह आरोप आप ने लगाया है, जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने विश्वसनीय और नजदीकी सहयोगी मनीष सिसोदिया की तुलना साधु-संत और महात्मा से कराई है। उन्होंने कहा है कि इस तरह से व्यक्ति को जेल की सलाखों के पीछे डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए।
आप संयोजक ने ये बातें रविवार (पांच मार्च, 2023) को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कहीं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा-पांच साल के भीतर सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों का हाल सुधार दिया।
बकौल केजरीवाल, "यही वजह है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया। सिसोदिया साधु हैं। ऐसे संत-महात्मा को जेल में बंद करने पर मोदी जी को शर्म आनी चाहिए।"
केजरीवाल से पहले रविवार को आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई सिसोदिया को ‘प्रताड़ित’ कर रही है। सीबीआई उन पर झूठे आरोपों वाले कागजों पर साइन करने का दबाव बना रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई के पास सिसोदिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कभी भी किसी सबूत के गायब होने का जिक्र नहीं किया। जांच टीम ने आप नेता के आवास पर छापा मारा लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
वहीं, पांच दिन की सीबीआई हिरासत की अवधि खत्म होने पर शनिवार को अदालत में पेश किए गए सिसोदिया ने दावा किया था कि वह ‘‘आठ से नौ घंटे तक बैठे रहे और बार-बार एक ही सवाल का जवाब दे रहे।’’ सिसोदिया ने इसे "मानसिक उत्पीड़न" बताया था।
अफसरों की मानें तो एजेंसी दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम की हिरासत का इस्तेमाल आबकारी नीति पर एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों पर कानूनी राय वाली अहम लापता फ़ाइल का पता लगाने के लिए करना चाहती है, जिसका फिलहाल पता नहीं लग पाया है।
