दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने स्वीकार भी कर लिया है। मनीष सिसोदिया दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई की रिमांड पर हैं, तो वहीं सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद हैं।
क्यों संकट में आप
मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे। इसमें वो मंत्रालय भी शामिल थे, जो कभी सत्येंद्र जैन के पास थे। मनीष सिसोदिया को आप में नंबर दो की पोजिशन हासिल थी। वहींं सत्येंद्र जैन भी टॉप नेताओं में शुमार थे। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में नौ महीने से जेल में बंद जैन के पास लगभग आठ विभाग थे। जिसमें- गृह, स्वास्थ्य, बिजली, जल, उद्योग, शहरी विकास, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग शामिल था। केजरीवाल सरकार में शामिल सबसे अहम दो मंत्रियों के इस्तीफे और जेल जाने से आप को भारी नुकसान हो सकता है।
भाजपा लगातार उठा रही थी सवाल
सत्येंद्र जैन पिछले कई महीनों से जेल में हैं। सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल मई में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया था। अगर दो साल या उससे अधिक की जेल की सजा सुनाई जाती है, तो सिसोदिया और जैन दोनों अपनी सीट खो सकते हैं और छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद जैन मंत्री बने हुए थे। उन्होंने अबतक इस्तीफा नहीं दिया था। सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद भाजपा इस मामले पर और आक्रमक हो गई थी।
नहीं बनेंगे नई मंत्री
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल ने भले ही सिसोदिया और जैन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया हो, लेकिन फिलहाल में इनकी जगह नई मंत्रियों को नहीं लाने वाले हैं। इनके विभाग कैलाश गहलोत और राजकुमार आनंद को दिए जाएंगे।
