Manipur violence: मणिपुर में हिंसा का दौर जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने राज्य में अर्धसैनिक बलों की 70 अतिरिक्त कंपनियां भेजने का आदेश दिया है। इसके कुछ घंटो बाद ही कुकी सुमदाय की ओर से ताबूत रैली निकालने का ऐलान किया गया है। कुकी संगठनों के एक मंच ने कहा कि जिरीबाम जिले में सीआरपीएफ के साथ कथित गोलीबारी में मारे गए 10 कुकी-जो युवकों के प्रति श्रद्धांजलि और एकजुटता प्रकट करने के लिए वे मंगलवार को चुराचांदपुर में एक ताबूत रैली निकालेंगे।
जोमी छात्र संघ (जेडएसएफ), कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और हमार छात्र संघ (एचएसए) ने सोमवार को एक संयुक्त सार्वजनिक नोटिस में विद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे कक्षा 10वीं से ऊपर के विद्यार्थियों को काली शर्ट पहनकर इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भेजें। आयोजकों में से एक ने को बताया कि वे मारे गए युवकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से 10 डमी ताबूत ले जाएंगे, क्योंकि मारे गए युवकों के शव अब भी स्थानीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखे गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
बता दें, असम के सिलचर के एक अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव शनिवार को दोपहर कुकी बहुल जिले चुराचांदपुर लाए गए। मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के प्रमुख संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने रविवार को फैसला किया कि मारे गए 10 युवकों की अंत्येष्टि तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनके परिवारों को सौंप नहीं दी जाती। बता दें, मणिपुर पुलिस ने 11 नवंबर को दावा किया कि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। यह मुठभेड़ छद्म वर्दी पहने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों द्वारा बोरोबेकरा पुलिस थाना और जिरीबाम जिले के जकुराधोर स्थित सीआरपीएफ शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी के बाद हुई।
अफस्पा हटाने की मांग
इस बीच मणिपुर के सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र से घाटी के छह पुलिस थाना क्षेत्रों में अफस्पा लगाने की समीक्षा करने का आग्रह किया गया। यह अपील तब की गई है जब केंद्र सरकार ने मणिपुर में अर्धसैनिक बलों की 70 कंपनियां भेजने का आदेश जारी किया है।
