देश

UNLF का सरेंडर: मणिपुर के सबसे पुराने उग्रवादी संगठन ने डाले हथियार, सरकार के साथ किया शांति समझौता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 29, 2023, 07:27 PM IST

UNLF Surrender: अमित शाह ने कहा कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। पूर्वोत्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के मोदी सरकार के अथक प्रयासों में एक नया अध्याय जुड़ गया है क्योंकि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने आज नई दिल्ली में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।

Image

यूएनएलएफ ने किया सरेंडर

Photo : Twitter

UNLF Surrender: मणिपुर में शांति स्थापित करने कोशिश में बुधवार को केंद्र सरकार को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि मणिपुर में सक्रिय और सबसे पुराने उग्रवादी गुट यूनाइटेड नेशनल बिलरेशन फ्रंट (UNLF) ने हथियार डालने का फैसला किया है। अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। अमित शाह की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यूएनएलएफ ने बुधवार को सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए और हिंसा छोड़ने पर सहमति व्यक्त की है।

अमित शाह की ओर से किए गए ट्वीट में यूएनएलएफ के सदस्य सरेंडर करते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। पूर्वोत्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के मोदी सरकार के अथक प्रयासों में एक नया अध्याय जुड़ गया है क्योंकि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) ने आज नई दिल्ली में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।

यूएनएलएफ का लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में स्वागत

अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि मणिपुर का सबसे पुराना घाटी स्थित सशस्त्र समूह यूएनएलएफ हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने पर सहमत हो गया है। मैं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनका स्वागत करता हूं और शांति और प्रगति के पथ पर उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं। यह समझौता पूरे पूर्वोत्तर, विशेषकर मणिपुर में शांति के एक नए युग की शुरूआत को बढ़ावा देने वाला है। पहली बार घाटी स्थित मणिपुरी हथियारबंद समूह हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और भारत के संविधान और देश के कानून का सम्मान करने पर सहमत हुआ है।

UNLF और रक्षा बलों के बीच खत्म होगा विरोध

यह समझौता न केवल UNLF और सुरक्षा बलों के बीच विरोध को समाप्त करेगा, जिसने पिछली आधी शताब्दी से अधिक समय से दोनों पक्षों की ओर से बहुमूल्य ज़िंदगियां ली हैं, बल्कि समुदाय की दीर्घकालिक चिंताओं को दूर करने का अवसर भी प्रदान करेगा। मुख्यधारा में UNLF की वापसी से घाटी स्थित अन्य सशस्त्र समूह भी आने वाले समय में शांति प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस मोके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने केंद्र सरकार को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा यूएनएलएफ शांति समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो उत्तर पूर्व में शांति और पग्रति को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article