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SIR पर सुनवाई: ममता बनर्जी CJI की कोर्ट नंबर 1 में मौजूद, सुप्रीम कोर्ट में सबसे पीछे की लाइन में बैठीं

शीर्ष अदालत आज इस मामले की सुनवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ममता इस संबंध में अदालत पहुंची हैं। वह सुनवाई के लिए आज सुबह तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास से रवाना हुईं। सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में भारी सुरक्षा तैनात की गई है।

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सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी

SIR Case Mamata Banerjee in Supreme Court: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। शीर्ष अदालत आज इस मामले की सुनवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ममता इस संबंध में अदालत पहुंची हैं। वह सुनवाई के लिए आज सुबह तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास से रवाना हुईं। इसके अलावा, सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में भारी सुरक्षा तैनात की गई है। सीएम ममता चीफ जस्टिस कोर्ट यानी कोर्ट नंबर 1 में मौजूद हैं। फिलहाल वो कोर्ट में सबसे पीछे की लाइन में बैठी हैं।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग को तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तार्किक विसंगति सूची में वर्गीकृत मतदाताओं के नाम प्रकाशित करने का निर्देश दिया था।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी

ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और अन्य लोगों के साथ सोमवार को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। सूत्रों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के विनम्र व्यवहार के बावजूद, तृणमूल कांग्रेस नेता ने झूठे आरोप लगाए, दुर्व्यवहार किया, मेज पटकी और चली गईं। एक सूत्र ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कानून का शासन सर्वोपरि रहेगा और कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के प्रावधानों और आयोग को प्रदत्त शक्तियों के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।

तमिलनाडु मामले में अदालत का निर्देश

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने तमिलनाडु में प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि ग्राम पंचायत भवनों, प्रत्येक उपमंडल के तालुका कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों के वार्ड कार्यालयों में नामों को प्रदर्शित किया जाना चाहिए। जिन लोगों के नाम सूची में हैं, वे प्रदर्शन की तिथि से 10 दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

सूची में विसंगतियों के संक्षिप्त कारण भी बताए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सभी जिला कलेक्टरों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने और एसआईआर प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया। (ANI)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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