North Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित उत्तर बंगाल के दौरे पर हैं।राज्य के कई जिलों में आई हालिया प्राकृतिक आपदा के बाद उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उत्तर बंगाल का रुख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता राहत वितरण और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।
CM ममता ने क्या कुछ कहा?
मुख्यमंत्री आने वाले दिनों में जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के प्रभावित इलाकों का भी निरीक्षण करेंगी। हाशिमारा जाते वक्त कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “कल मैं नागराकाटा और आसपास के कुछ अन्य इलाकों का दौरा करूंगी। अगले दिन मैं मिरिक जाऊंगी, जहां यह आपदा आई थी। उसके बाद मैं दार्जिलिंग जाऊंगी, जहां मैं एक रात रुकूंगी, क्योंकि मुझे दार्जिलिंग और कलिम्पोंग, दोनों जगहों पर एक समीक्षा बैठक करनी है। यह बैठक पूरी करने के बाद मैं अगले दिन उत्तरकन्या लौट जाऊंगी।”
CM ने सुहासिनी चाय बागान का किया दौरा
हाशिमारा में विभागाध्यक्षों, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के अलावा मुख्यमंत्री ने सुहासिनी चाय बागान का भी दौरा किया। उन्होंने प्रभावित चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों को राहत सामग्री सौंपी और आश्वासन दिया कि सरकार उनके पुनर्वास में हर संभव मदद करेगी।
आपदा के समय उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले तीन नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एक वन विभाग अधिकारी और तीन आपदा प्रबंधन अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुरी तरह और आंशिक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों को और तेज़ किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। प्रत्येक घर के लिए 1.2 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि के साथ परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राहत किट सभी जगह पहुंचा दी गई हैं और शेष किट भी जल्द ही वितरित कर दी जाएंगी। रोहिणी भूस्खलन स्थल पर कार्य प्रगति पर है और पांच से छह दिनों में पूरा हो जाएगा। मिरिक में अस्थायी पुल सात से आठ दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
एक हफ़्ते के उत्तर बंगाल दौरे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को कोलकाता लौटेंगी। काली पूजा के अवसर पर वह कुछ पंडालों का उद्घाटन करेंगी और 20 अक्टूबर को अपने घर पर काली पूजा करेंगी।
