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'कभी खुद चाय बनाकर बेची है क्या?' पीएम मोदी के दावे पर खरगे का तंज; बोले- सब वोट लेने के लिए ड्रामा है

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  • Updated Jan 22, 2026, 06:15 PM IST

मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस मनरेगा की बहाली के लिए देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।

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राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे। (फोटो- पीटीआई)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म करने को गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश करार दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी साफ कर दिया कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगा। मनरेगा के अलावा, उन्होंने पीएम मोदी के चाय बेचने के दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने पीएम मोदी पर गरीबों का हक छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप भी मजदूरी करिए तब पता चलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कभी खुद चाय बनाकर बेची है। बस वोट लेने के नाम पर लोगों से कहते रहे हैं कि चायवाला हूं।

मनरेगा बचाओ मोर्चा को किया संबोधित

उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस मनरेगा की बहाली के लिए देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।

कभी खुद चाय बना कर बेचा है?

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि मोदी जी खुद को चायवाला बताकर वोट लेते हैं, लेकिन यह सब सिर्फ प्रचार और ड्रामा है। उन्होंने हमला बोलते हुए आगे कहा कि चार दिन आप भी मजदूरी करिए, मनरेगा का काम करिए तब पता चलेगा। लोगों के वोट लेने के लिए ‘मैं चाय वाला हूं’ कहते रहे। कभी खुद चाय बनाकर बेची है या केतली लेकर हर आदमी को दिया क्या? केवल भाषण के सहारे लोगों के वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सब इनका नाटक है। गरीबों को दबाना इनकी आदत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रचार में व्यस्त है, जबकि गरीबों और मजदूरों के लिए ठोस काम नहीं हो रहा।

गरीबों का हक छीन रहे नरेंद्र मोदी

खरगे ने कहा कि MGNREGA ने ग्रामीण भारत को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार इसे भी छीन रही है। उन्होंने दावा किया कि आधार, डिजिटल हाजिरी और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए लाखों मजदूरों को योजना से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी सरकार मनरेगा को ख़त्म करने का काम इसलिए कर रही है, ताकि देश के दबे-कुचले लोगों को 'बंधुआ मजदूर' बनाया जा सके।

लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे हैं ताकि लोग अमीरों के इशारों पर, उनकी मर्जी के पैसों पर काम करें। मनरेगा से लोगों को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे तबाह करने का काम किया जा रहा है। हमें मनरेगा और काम के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़नी है।

खरगे ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी है। हम इस लड़ाई को एक जगह पर बैठकर या नारे लगाकर नहीं लड़ सकते। जब तक सरकार नए कानून को वापस नहीं लेगी और मनरेगा को फिर से बहाल नहीं करेगी, तब तक हम लड़ते रहेंगे।

क्या बोले राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी जवाहर भवन में राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें राहुल गांधी ने कहा कि ये चाहते हैं कि संविधान और लोकतंत्र को खत्म करो और आजादी से पहले का हिंदुस्तान जहां पर एक व्यक्ति सब कुछ निर्णय लेता था और जो भी वो करना चाहता था वो करता था वैसा ही हिंदुस्तान ये (भाजपा) फिर से लाना चाहते हैं। इनको रोकने का एक ही तरीका है अगर हम सब एक साथ हो जाए क्योंकि ये डरपोक लोग हैं तो आप मनरेगा नाम देना चाहते हैं या कोई और नाम देना चाहते हैं तो आप ही निर्णय लेंगे कि उस योजना का नाम क्या होगा और कैस बनेगी कहां तक चलेगी....हमारे में एक कमी है वो एकता की कमी है...अगर हम एक हो जाएंगे तो पीएम मोदी पीछे हट जाएंगे और फिर से मनरेगा चालू हो जाएगा।

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