प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (11 दिसंबर, 2022) को नागपुर और शिर्डी को जोड़ने वाले 520 किलोमीटर लंबे समृद्धि महामार्ग के पहले चरण का उद्घाटन कर दिया। यह नागपुर-मुंबई सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे परियोजना देश भर में बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को लेकर प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस 701 किमी लंबे एक्सप्रेसवे को लगभग 55,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है।
यह भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक है, जो महाराष्ट्र के 10 जिलों और अमरावती, औरंगाबाद और नासिक के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरता है। एक्सप्रेसवे आसपास के 14 अन्य जिलों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस प्रकार विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र के क्षेत्रों सहित राज्य के लगभग 24 जिलों के विकास में मदद मिलेगी।
पीएम गति शक्ति के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी परियोजनाओं की एकीकृत योजना और समन्वित कार्यान्वयन के संदर्भ में प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए, समृद्धि महामार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और अजंता एलोरा गुफाओं, शिर्डी, वेरुल, लोनार आदि जैसे पर्यटन स्थलों से जुड़ जाएगा। समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र के आर्थिक विकास को प्रमुखता पूर्वक बढ़ावा देने में एक गेम-चेंजर साबित होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा- गडकरी
इस बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मंत्रालय पांच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है, जिससे मध्यप्रदेश को फायदा होगा। इनमें से एक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इस हाइवे के बनने से दिल्ली से मुंबई तक सड़क मार्ग से केवल 12 घंटे में यात्रा की जा सकेगी। शनिवार को ये बातें उन्होंने म.प्र के रीवा स्थित बरसैता गांव 2443.89 करोड़ रुपए लागत की कुल 204.81 किलोमीटर लंबी सात सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास करने के दौरान कही।
वह बोले, ‘‘खेती के विकास के साथ ही औद्योगिक विकास भी होना चाहिए। इसके लिए पानी, ऊर्जा, परिवहन एवं संचार जरूरी है। इसलिए हम (केंद्र सरकार) पांच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहे हैं। दिल्ली से मुंबई केवल 12 घंटे में आप जा सकेंगे। इस हाइवे का निर्माण लगभग दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे एक लाख करोड़ रुपये लागत वाला तथा 1,382 किलोमीटर लंबा है।’’ उन्होंने कहा कि ये हाइवे मध्यप्रदेश के लिए बहुत उपयोगी होगा। गडकरी ने कहा कि इसके साथ ही अटल प्रोग्रस हाइवे का काम भी जल्द शुरू होगा। इस हाइवे को पहले चंबल एक्सप्रेस हाइवे के नाम से जाना जाता था।
