नई दिल्ली। दिल्ली से जयपुर और मुंबई जाने वालों के लिए राहत बड़ी खबर है। दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Vadodara-Mumbai Expressway) जयपुर से 65 किलोमीटर दूर राजस्थान के दौसा जिले में पहले ही पहुंच चुका है। एक बार जब सड़क जयपुर तक पहुंच जाएगी, तो राष्ट्रीय राजधानी से पिंक सिटी यानी जयपुर तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। लोग दिल्ली से सिर्फ दो घंटे में ही जयपुर पहुंच जाएंगे। जबकि अभी यह रास्ता लगभग 5 घंटे या उससे ज्यादा का है। लगभग 375 किलोमीटर सड़क राजस्थान से होकर गुजरेगी। यह सात जिलों को दिल्ली और मुंबई से जोड़ेगी।
आधा होगा दिल्ली और मुंबई का समय
एक बार जब मार्ग शुरू हो जाएगा, तब दोनों शहरों के बीच व्यापार और टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे काफी समय और धन की भी बचत की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने पर दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय कम होकर आधा हो जाएगा। यह 24 घंटे से सिर्फ 12 घंटे हो जाएगा। इस हाईवे पर स्पीड की सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
ये होगा हाईवे का सबसे अनूठा फीचर
इस हाईवे का सबसे अनूठा फीचर यह है कि इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) के लिए एक समर्पित लेन भी होगी। यह भारत में पहली बार होगा जब किसी हाईवे में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से लेन का निर्माण होगा। एक्सप्रेसवे में 8 लेन हैं। बाद में इसमें चार और लेन जोड़ी जा सकती हैं।
एंट्री पर नहीं होगा टोल प्लाजा
एक्सप्रेसवे का निर्माण जर्मन तकनीक का इस्तेमाल करके हो रहा है और इसके कम से कम 50 साल तक चलने की उम्मीद है। यह भारत की पहली स्ट्रेचेबल सड़क होगी। इसमें कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं होगा। इतना ही नहीं, यह पशुओं से भी मुक्त होगा। सड़क में एंट्री करते समय कोई टोल प्लाजा नहीं होगा। इसके बजाय, एक्जिट टोल होंगे।
कितना लगेगा शुल्क?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-वडोदरा ई-वे पर टोल 0.65 पैसे प्रति किलोमीटर होगा, जो देश की ऐसी अन्य सड़कों के मुकाबले काफी कम है। राजमार्ग प्राधिकरण मिनी बसों पर 1.05 रुपये, बसों और ट्रकों पर 2.20 रुपये, जेसीबी जैसी भारी मशीनरी पर 3.45 रुपये और अन्य भारी वाहनों पर 4.20 रुपये का शुल्क वसूलेंगे।
इन राज्यों को जोड़ेगी सड़क
सड़क छह राज्यों को छूएगी- दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र। जिन प्रमुख शहरों को यह जोड़ेगा, वे हैं- दिल्ली, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, सोहना, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, मंदसौर, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वडोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, विरार और मुंबई।
