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महाराष्ट्र कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वालीं विधायक सुलभा खोडके पार्टी से निष्कासित

Maharashtra Congress expelled Amravati MLA Sulabha Khodke: अमरावती से विधायक सुलभा खोडके उन सात विधायकों में से एक थीं, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में विधान परिषद चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की थी। इसकी वजह से विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के संयुक्त उम्मीदवार पीडब्ल्यूपी नेता जयंत पाटिल की हार हुई थी।

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कांग्रेस ने विधायक सुलभा खोडके को पार्टी से निकाला।

Photo : Twitter

Maharashtra Congress expelled Amravati MLA Sulabha Khodke: कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को अमरावती से विधायक सुलभा खोडके को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

बता दें, अमरावती सांसद सुलभा खोडके उन सात विधायकों में से एक थीं, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में विधान परिषद चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की थी। इसकी वजह से विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) के संयुक्त उम्मीदवार पीडब्ल्यूपी नेता जयंत पाटिल की हार हुई थी, जिस कारण महा विकास आघाड़ी गठबंधन में कांग्रेस पार्टी को किरकिरी का सामना भी करना पड़ा था।

पार्टी विरोधी गतिविधियों में भी शामिल

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने जारी एक बयान में कहा कि खोडके के खिलाफ पार्टी के खिलाफ काम करने की कई शिकायतें मिली थीं। उनके खिलाफ कराई गई जांच में सामने आया कि कांग्रेस विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें निलंबित करने का निर्णय पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया।

अजीत पवार की पार्टी में हो सकती हैं शामिल

बताया जा रहा है कि कांग्रेस से निकाले जाने के बाद सुलभा खोडके अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि खोडके के पति राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता एवं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के करीबी सहयोगी हैं। उन्होंने बताया कि खोडके भी अजित पवार नीत राकांपा में शामिल हो सकती हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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