Nitesh Rane News: महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता नितेश राणे ने कहा कि बकरीद तस्वीर लगाकर मनाएं। राज्य के नेरल क्षेत्र में बोलते हुए राणे ने कहा, 'हमारे होली के त्योहार में कहा जाता है कि होली पर्यावरण के हिसाब से मनानी चाहिए, सूखी होली खेलनी चाहिए... दिवाली के जश्न के दौरान वे कहते हैं कि पटाखे न फोड़ें... उन्हें लोगों को यह सलाह भी देनी चाहिए कि वे बकरीद तस्वीर लगाकर मनाएं।'
नितेश राणे महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री हैं। राणे ने हिंदू त्योहारों पर ज्ञान देने वाले पर्यावरणविदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों को चुनौती देते हुए कहा कि अब बकरीद पर 'वर्चुअल' त्योहार मनाने की आवाज उठाएं। कंप्यूटर पर बकरी काटकर त्योहार मनाएं। नितेश राणे ने पर्यावरणविदों को आड़े हाथों लेते हुए मुसलमानों को 'वर्चुअल बकरीद' मनाने की सलाह देने की चुनौती दी है।
गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की जमीयत की मांग पर मुस्लिम संगठन लामबंद
बकरीद से चंद रोज़ पहले गाय को ’राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की जमीयत उलमा-ए-हिंद (एएम गुट) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की मांग पर कई प्रमुख मुस्लिम संगठन लामबंद हो रहे हैं। कई संगठन इस मुद्दे पर समाज को एकमत करने की पहल करने की वकालत कर रहे हैं तो कुछ इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का इरादा भी रखते हैं। यह पहल इसलिए भी खास मायने रखती है कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले उस प्रदेश में, जहां मुसलमानों की आबादी अच्छी-खासी है, प्रायः ये पहल हिन्दू संगठनों की तरफ से ही होती रही है।
वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले की इस आखिरी बकरीद पर मुस्लिम समाज की तरफ से उठी इस आवाज के अपने मायने हैं, क्योंकि मुस्लिम संगठनों को उम्मीद है कि इससे गोकशी के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल और इसके नाम पर हो रही ’मॉब लिंचिंग’ (पीट-पीटकर मार देने) जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गाय को ’राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मौलाना अरशद मदनी की मांग का खुले दिल से समर्थन किया। वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तो सही है, लेकिन इस पर ईमानदारी से काम करना सरकार की जिम्मेदारी है।
