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क्या महाराष्ट्र विधानसभा में MVA को मिलेगा उपाध्यक्ष का पद? CM फडणवीस से मुलाकात कर नेताओं ने रखी ये मांग

MVA Leaders Meet CM Fadnavis: क्या महाराष्ट्र विधानसभा में क्या विपक्षी दलों के गठबंधन महाविकास अघाडी को उपाध्यक्ष की कुर्सी नसीब होगी? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि एमवीए नेताओं ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर विधानसभा में उपाध्यक्ष का पद मांगा है। इसी बीच भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया।

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विधानसभा परिसर में सीएम देवेंद्र फडणवीस।

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी के नेताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर विपक्षी गठबंधन में शामिल किसी एक दल को विधानसभा उपाध्यक्ष का पद देने की मांग की। नेताओं ने फडणवीस से कहा कि विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष को निर्विरोध चुने जाने देगा लेकिन वह चाहता है कि सत्ता पक्ष प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे विधानसभा उपाध्यक्ष का पद दे।

एमवीए नेताओं ने गठबंधन की रणनीति पर की चर्चा

महाविकास आघाडी में शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा), कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार शामिल है। शिवसेना (उबाठा) नेता भास्कर जाधव ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और बाद में एमवीए नेताओं ने विधानसभा में गठबंधन की रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की।

नार्वेकर ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए दाखिल किया नामांकन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राहुल नार्वेकर ने रविवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। पिछली विधानसभा में अध्यक्ष रहे नार्वेकर के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजित पवार भी मौजूद थे। भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल भी इस अवसर पर मौजूद थे। कोलाबा विधानसभा सीट से विधायक नार्वेकर का निर्विरोध चुना जाना तय है क्योंकि सोमवार को होने वाले चुनाव के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है।

महाराष्ट्र विधानसभा में सभी विधायकों ने शपथ ली

महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) के सदस्यों सहित 105 विधायकों ने रविवार को नवगठित विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ली। विधायकों ने विशेष सत्र के दूसरे दिन शपथ ग्रहण की। विपक्षी दलों के विधायकों ने हाल ही में हुए राज्य चुनावों में ईवीएम के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया था।

कांग्रेस नेता नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार व अमित देशमुख, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के नेता जितेंद्र अव्हाड और शिवसेना-उद्धव बाला साहेब ठाकरे (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे सहित कुछ विधायकों ने आज सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद शपथ ली। इससे पहले शनिवार को 173 विधायकों ने शपथ ली जबकि नौ अनुपस्थित विधायक सोमवार को शपथ लेंगे। पहली बार विधायक बने कई विधायकों ने रविवार को शपथ ली और समारोह में उनके परिवार के सदस्यों की भीड़ उमड़ पड़ी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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