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Maharashtra: विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष ने कसी कमर, सीट बंटवारे के लिए 7 अगस्त को MVA की बैठक

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतियां तैयार करनी शुरू कर दी है। सीट बंटवारे व अन्य मुद्दों को लेकर एमवीए की सात अगस्त को बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चुनावी प्लान पर विचार हो सकता है।

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सीट शेयरिंग पर कब होगी चर्चा।

Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे व अन्य मुद्दों पर चर्चा को लेकर विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की सात अगस्त को एक बैठक होगी। एमवीए के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता बालासाहेब थोराट ने बुधवार शाम को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि बैठक में सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मानदंडों पर चर्चा की जाएगी।

महाराष्ट्र चुनाव को लेकर विपक्षी दलों में सीट बंटवारा

उन्होंने एक बयान मे कहा, 'सीटों की अदला-बदली भी संभव है क्योंकि जीतने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा।' थोराट ने यह भी बताया कि उन्होंने ठाकरे के साथ चुनावी रैलियों की योजना पर चर्चा की है। एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर में होने की संभावना है।

चार अगस्त को होगी समिति के सदस्यों की बैठक

इस बीच, कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला एमवीए की बैठक से पहले पार्टी के राज्य नेताओं से मिलने के लिए तीन अगस्त से मुंबई का दो दिवसीय दौरा करेंगे। कांग्रेस ने एमवीए से चर्चा को लेकर राज्य के नेताओं की एक समिति गठित की है और चेन्निथला के साथ इस समिति के सदस्यों की चार अगस्त को बैठक होगी।

हाल मे हुए लोकसभा चुनावों में, एमवीए ने राज्य की 48 संसदीय सीटों में से 30 पर जीत हासिल की थी तथा एकमात्र निर्दलीय सांसद विशाल पाटिल के एमवीए मे शामिल होने के बाद राज्य में विपक्षी सांसदों की संख्या 31 हो गई थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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