Madhya Pradesh Politics: मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का सूबे में राज खत्म हो चुका है। भाजपा की ओर से उज्जैन से विधायक मोहन यादव को सीएम पद के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। अब वह आगे क्या इसे लेकर सियासी गलियारों में खूब अटकलें लगाई जा रही हैं। मंगलवार (12 दिसंबर, 2023) को जब उनसे दिल्ली जाने को लेकर सवाल हुआ तो वह दो टूक बोले- अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर मैं मरना समझूंगा।
बकौल चौहान, "मेरा मन आनंद और संतोष से भरा हुआ है। पीएम मोदी की लोकप्रियता और लाडली बहना जैसी योजनाओं के कारण सूबे में हमारी सरकार बनी है। पार्टी में मेरी भूमिका हमेशा एक कार्यकर्ता की रहेगी। मैं सभी को धन्यवाद देता हूं। मेरे मन में कोई दुर्भावना नहीं रही। अगर किसी को तकलीफ़ पहुंची हो तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं।"
लाडली बहना योजना को लेकर हुए प्रश्न पर वह बोले कि भाई-बहन का रिश्ता हमेशा रहेगा। देखिए, कैसे सीएम आवास में शिवराज से मिलकर महिलाएं भावुक हो गई थीं:
वह यह भी बोले- मैं प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव, उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल को बधाई देता हूं। हमारे नरेंद्र सिंह तोमर विस अध्यक्ष होंगे। उनका अभिनंदन...मुझे विश्वास है मध्य प्रदेश नई ऊंचाइयां छूएगा। मैं सदैव उन्हें सहयोग करता रहूंगा। मैं एमपी में हूं और एमपी में ही रहूंगा।
उन्होंने बताया- 2003 में उमा जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, जिसे बाद में मैंने संभाला। 2008 में हम वापस आए। 2013 में फिर सरकार बनी। 2018 में हम पिछड़े लेकिन सरकार बाद में बनाई।
