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तीन करोड़ आवास बनाएगी मप्र सरकार, हर गरीब को मिलेगा पक्का मकान... बोले CM मोहन यादव

Bhopal News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ पक्के मकान बनाने जा रही है। इसके अलावा सभी पंचायतों में नल से जल और हर घर में गैस का चूल्हा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव

Bhopal News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने मानव जीवन में जल तत्व को सर्वोपरि माना है। संपूर्ण सृष्टि हो या मानव देह सभी में जल ही जीवन का आधार है। जिस प्रकार पृथ्वी की हरितिमा को नदियां जीवन प्रदान करती हैं, उसी प्रकार मानव देह के संचालन में जल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ये बातें मुलताई में उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के 347 करोड़ रुपए की लागत के 1008 कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किए।

बैतूल में आरंभ होंगे उद्योग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व का नंबर वन देश बनाने के लिए प्रदेशवासी कृत-संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार कोई भी गरीब बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ पक्के मकान बनाने जा रही है। इसके अलावा सभी पंचायतों में नल से जल और हर घर में गैस का चूल्हा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। स्थानीय युवाओं को जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैतूल जिले में भी उद्योग लगाने की योजना है।

जिलों की हवाई पट्टियों का उपयोग युवाओं के पॉयलेट प्रशिक्षण में भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीर्थ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा आरंभ की जा रही है, प्रारंभ में दो ज्योतिर्लिंगों, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर को इस सेवा से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के युवा हेलीकॉप्टर और विमान चलाना सीखें, इस उद्देश्य से आवश्यक प्रशिक्षण व कोर्स आरंभ किए जा रहे हैं, इसके अंतर्गत जिलों में उपलब्ध हवाई पट्टियों का उपयोग युवाओं को पॉयलेट के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा।

जल-गंगा संवर्धन अभियान में बैतूल में जारी हैं 41.46 करोड़ के दो हजार से अधिक कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 212 से अधिक नदियां हैं। बैतूल और आसपास के जिलों में ताप्ती मैया का महत्व माँ गंगा के समान है। जल-गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश की सभी पवित्र नदियों और सभी जल स्रोतों के रखरखाव और उनके संरक्षण को समर्पित है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 12 हजार से अधिक लोगों ने इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की है। बैतूल जिले में लगभग 41 करोड़ 46 लाख रुपए लागत के दो हजार से अधिक जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्य जारी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 39 करोड़ 53 लाख रुपए लागत के 1300 से अधिक कार्य और नगरीय क्षेत्र में एक करोड़ 92 लाख रूपए की लागत के 800 से अधिक कार्य जारी है। मनरेगा म से 5 हजार से अधिक कार्य बैतूल जिले में चल रहे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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