देश

राहुल गांधी के बारे में ओम बिरला ने ऐसा क्या बताया? जो विपक्षी सांसदों ने जोर-जोर से थपथपाई मेज

Parliament News: राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रति लोकसभा के पटल पर रखी गई और लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान कुछ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद ऐसा हुआ कि सभी विपक्षी सांसद मेज थपथपाने लगे।

Image

संसद में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में दी गई मान्यता।

Photo : Times Now Digital

Big Announcement for Rahul Gandhi: राहुल गांधी के बारे में आखिर लोकसभा स्पीकर ने ऐसी क्या जानकारी साझा की, जिसके बाद संसद के में मौजूद सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने जोर-जोर से मेज थपथपाना शुरू कर दिया। संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के बाद उनके अभिभाषण की प्रति बृहस्पतिवार को लोकसभा के पटल पर रखी गई और फिर सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी दलों के सांसदों में दिखा भारी उत्साह

दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद सदन में मौजूद सभी विपक्षी दलों के सदस्यों ने जोर-जोर से मेज थपथपाना शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बारे में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक जानकारी साझा की। इसी के बाद विपक्षी सांसदों में भारी उत्साह देखा गया।

राहुल को विपक्ष के नेता के रूप में मिली मान्यता

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद दोपहर करीब 12 बजकर 38 मिनट पर निचले सदन की कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद ओम बिरला ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में लोकसभा के कक्ष के उपयोग के लिए नियम में छूट दिए जाने का उल्लेख किया। फिर उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने के बारे में सदन को सूचित किया। इस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने मेज थपथपाईं।

सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लोकसभा की सदस्यता की शपथ ली। वह लगातार चौथी बार तिरुवनंतपुरम से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। थरूर ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर अंग्रेजी में शपथ ग्रहण की और बाद में ‘जय हिंद, जय संविधान’ का नारा लगाया। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रति सदन के पटल पर रखी गई। बिरला ने 12 बजकर करीब 45 मिनट पर सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article