देश

Lok Sabha Election 2024: क्या है स्टालिन की बुलाई गई 14 विपक्षी पार्टियों की मीटिंग के मायने, सीटों की गणति से समझिए

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 31, 2023, 05:46 PM IST

Lok Sabha Election 2024: एक तरफ पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी कर रही है, सीटों की गणित बैठा रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष भी इस बार मजबूत रणनीति बनाता दिख रहा है। हालांकि इस बार ये प्रयास क्षेत्रीय पार्टियां करती दिख रही हैं।

Image

Lok Sabha Election 2024: तमिलनाडु के सीएम और डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन

Lok Sabha Election 2024: अगला लोकसभा चुनाव 2024 में होना है। यानि लगभग एक साल का समय बचा हुआ है, लेकिन पार्टियां अभी से रणनीति बनाने में जुटी हैं। बिखरा हुआ विपक्ष 2024 के चुनाव से पहले लगातार एकजुट होने की कोशिश करता दिख रहा है। टीआरएस, सपा, आप, टीएमसी जैसी मजबूत क्षेत्रीय पार्टियां कई महीनों से ऐसी कोशिश करती दिखी है, लेकिन अब अलग-अलग कोशिश के बजाय ये एक साथ होकर मंथन करने जा रहे हैं। इस मामले में सबसे बड़ा कदम तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने उठाया है। सामाजिक न्याय पर चर्चा के लिए तमिलनाडु के सीएम और डीएमके चीफ एम के स्टालिन ने 14 विपक्षी पार्टियों की मीटिंग बुलाई है, जिसमें ज्यादातर क्षेत्रीय पार्टियां हैं। हालांकि दावा किया जा रहा है कि इस मीटिंग में 20 दल शामिल हो सकते हैं। अब 2024 के चुनाव से पहले इतने बड़े लेवल पर विपक्षी पार्टियों की मीटिंग सामाजिक न्याय पर चर्चा से ज्यादा मिशन 2024 पर फोकस लग रहा है।

बीजेपी के 'अपने' भी छोड़ेंगे साथ

इस मीटिंग में उन दलों के भी आने की बात कही जा रही है, जो परोक्ष रूप से बीजेपी के साथ दिखी हैं। संसद के अंदर कई मुद्दों पर इन पार्टियों ने बीजेपी का साथ दिया है। इसमें आंध्रप्रदेश की सत्ताधारी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस और उड़ीसा की सत्ताधारी पार्टी बीजेडी भी शामिल होगी। ये दोनों पार्टियां ऐसे तो अलग चुनाव लड़ती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर ये बीजेपी के साथ दिखती रही हैं। इनके मीटिंग में झारखंड के मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता- हेमंत सोरेन, बिहार के डिप्टी सीएम और राजद नेता- तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख-अखिलेश यादव, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष- फारूक अब्दुल्ला, बीआरएस नेता- के केशव राव, सीपीआई (एम) के महासचिव- सीताराम येचुरी, सीपीआई नेता- डी राजा, टीएमसी नेता- डेरेक ओ'ब्रायन, एनसीपी नेता- छगन भुजबल, बीजद के सस्मित पात्रा और वाईएसआरसीपी के ए सुरेश के इस मीटिंग में हिस्सा लेने की बात कही जा रही है। साथ ही कांग्रेस, IUML, MDMK, आम आदमी पार्टी भी इस मीटिंग में शामिल होंगी।

सीटों की खेल

इस मीटिंग में जो भी क्षेत्रीय दल शामिल हो रहे हैं, वो अपने-अपने राज्य में या तो सत्ताधारी हैं या फिर नंबर दो या तीन की पार्टी हैं। अगर ये सब एक होकर 2024 का चुनाव लड़ें तो बीजेपी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सीटों के हिसाब से देखें तो आंध्रप्रदेश में- 25, बिहार में- 40, झारखंड में-14, महाराष्ट्र में-48, उड़ीसा में- 21, तमिलनाडु में-39, तेलंगाना में-17, उत्तरप्रदेश में-80 और पश्चिम बंगाल में 42 सीटें हैं। इन राज्यों में ये क्षेत्रीय पार्टियां तो मजबूत हैं साथ ही इन राज्यों में कांग्रेस की भी पकड़ है। इन राज्यों में कुल मिलाकर 326 लोकसभा की सीटें आती हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने इन राज्यों में 150 से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया था, बाकी बची हुई सीटों पर कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों का कब्जा है।

क्या है मायने

सीटों के हिसाब से अगर हम देखें तो 2019 का चुनाव बीजेपी के लिए सही था, उसे अच्छी सीटें मिलीं थीं, लेकिन अब अगर सामाजिक न्याय पर बात करने के लिए बुलाई गई इस मीटिंग में कोई गठबंधन उभर कर सामने आ जाता है और आपसी मतभेद भुलाकर ये 14 विपक्षी पार्टियां एक हो जाती हैं तो बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि हर राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों की पकड़ तो है कि साथ ही कांग्रेस का भी अपना एक वोट बैंक हैं, जो एकजुट होने पर बीजेपी का खेल खराब कर सकता है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article