क्या कर्नाटक में जल्द हो सकता है नेतृत्व परिवर्तन? राहुल की सिद्धरमैया व शिवकुमार से मुलाकात के बाद लग रहीं अटकलें
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 13, 2026, 11:30 PM IST
कर्नाटक में शीर्ष पद को लेकर सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच गतिरोध नवंबर के मध्य में तब तेज हो गया था, जब कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया था। बढ़ते अंदरूनी टकराव के बीच, कांग्रेस आलाकमान ने हस्तक्षेप किया और दिसंबर में दोनों नेताओं ने नाश्ते पर मिलकर एकजुटता दिखाई।
राहुल गांधी, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार।
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर सरकार के नेतृत्व को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज हो गईं हैं। इन अटकलों को हवा तब मिली जब मंगलवार को राहुल गांधी ने सूबे के मुखिया सिद्धरमैया औक शिवकुमार से बातचीत की। गौरतलब है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच रस्साकशी लंबे समय से चली आ रही है। कई बार यह विवाद दिल्ली तक पहुंचता रहा है लेकिन सिद्दारमैया सीएम की कुर्सी पर बने हुए है।
मंडकल्ली हवाई अड्डे पर राहुल से हुई सिद्धारमैया और डीके की बात
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी की सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार से यह संक्षिप्त बातचीत उस समय हुई जब राहुल गांधी तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के गुडालूर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नयी दिल्ली लौटते समय यहां मंडकल्ली हवाई अड्डे पर संपर्क उड़ान के लिए उतरे। यहां कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सिद्धरमैया और शिवकुमार से अलग-अलग और फिर एकसाथ भी संक्षिप्त बातचीत की। दरअसल, गांधी मंगलवार को दो बार मैसूरु हवाई अड्डे से गुजरे पहली बार गुडालूर जाते समय और दूसरी बार वहां से लौटते हुए। दोनों ही मौकों पर सिद्धरमैया और शिवकुमार हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
क्या बात हुई इसका खुलासा नहीं
तीनों नेताओं के बीच हालांकि क्या बातचीत हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच जारी खींचतान और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को देखते हुए इन मुलाकातों को अहम माना जा रहा है। पार्टी के कुछ सूत्रों का कहना है कि बातचीत के दौरान राज्य में कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान और इस कानून को बहाल कराने की मांग को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा हुई।
यह संक्षिप्त बातचीत ऐसे समय हुई है जब सिद्धरमैया और शिवकुमार दोनों ही राहुल गांधी से औपचारिक मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं।
2023 में दोबारा सीएम बने सिद्दारमैया
सिद्दारमैया कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद वे राज्य के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने सात जनवरी को कर्नाटक के पूर्व सीएम डी देवराज उर्स के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। देवराज उर्स सिद्दारमैया से पहले राज्य के सबसे लंबे समय तक सीएम रहने वाले पहले नेता थे। राज्य के सीएम के रूप में देवरास उर्स ने सात साल और 239 दिन तक जिम्मेदारी निभाई थी। वहीं, अब मौजूदा सीएम सिद्दारमैया उनसे आगे निकल गए हैं। उन्होंने बीते बुधवार को सात साल और 240 दिन बतौर सीएम पूरे किए।
डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच कुर्सी की लड़ाई
कर्नाटक में शीर्ष पद को लेकर सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच गतिरोध नवंबर के मध्य में तब तेज हो गया था, जब कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया था। बढ़ते अंदरूनी टकराव के बीच, कांग्रेस आलाकमान ने हस्तक्षेप किया और दिसंबर में दोनों नेताओं ने नाश्ते पर मिलकर एकजुटता दिखाई। ऐसी खबरें थीं कि मई 2023 में जब कांग्रेस राज्य में सत्ता में आई थी, तब एक समझौता हुआ था कि सिद्धरमैया और शिवकुमार बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालेंगे।
डीके शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और चुनाव में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। वे भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व (हाईकमान) को दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ा। शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस आलाकमान ने ढाई-ढाई साल सीएम पद का वादा किया था लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।
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