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‘बेबी तू आया नहीं, तूने कहा था’, शहीद सिद्धार्थ यादव के पार्थिव शरीर के आगे रोती रही मंगेतर, हर किसी की आंखें हुई नम

Martyr Flight Lieutenant Siddharth Yadav: शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दे दी गई है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शहीद की मंगेतर सोनिया भी पहुंची थी। इस दौरान वह सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को देखकर रोने लगी। शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की तस्वीर देख सानिया बोली, 'बेबी तू आया नहीं मुझे लेने... तूने कहा था तू आएगा।'

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शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को दी गई अंतिम विदाई

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Jamnagar Jaguar Crash: हरियाणा के रेवाड़ी के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दे दी गई है। जानकारी के अनुसार, फाइटर पायलट सिद्धार्थ यादव को उनके पैतृक गांव भालखी माजरा में उनके पिता सुशील यादव ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान भी भारतीय वायुसेना के जवानों ने शहीद सिद्धार्थ यादव को श्रद्धांजलि दी।

प्लीज एक बार मुझे उनकी शक्ल दिखा दो- मंगेतर

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव जनवरी 2016 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) कोर्स 135 में शामिल हुए थे और कुछ ही दिन पहले 23 मार्च को उनकी सगाई भी हुई थी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शहीद की मंगेतर सोनिया भी पहुंची। इस दौरान वह सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को देखकर रोने लगी। शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की तस्वीर देख सानिया बोली, 'बेबी तू आया नहीं मुझे लेने... तूने कहा था तू आएगा।' सानिया पार्थिव शरीर को देखकर बार-बार रोते हुए कहती रहीं कि 'प्लीज एक बार मुझे उनकी शक्ल दिखा दो।' मंगेतर सानिया ने कहा कि मुझे सिद्धार्थ पर गर्व है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव और सानिया की शादी आने वाले 2 नवम्बर को होने वाली थी।

मुझे उस पर बहुत गर्व है- पिता सुशील यादव

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव ने अपने बेटे को एक प्रतिभाशाली छात्र के रूप में याद किया जिसने हमेशा परिवार को गौरवान्वित किया था। उनके पिता ने कहा कि हमें हमेशा उस पर गर्व था। बता दें, यादव परिवार की सैन्य परंपरा समृद्ध है, सुशील यादव खुद वायु सेना में सेवा कर चुके हैं और उनके पिता और दादा सेना में सेवा कर चुके हैं। पिता ने कहा कि सिद्धार्थ के बलिदान ने परिवार को गर्व से भर दिया है, लेकिन साथ ही बहुत दुख भी है, क्योंकि वह उनका इकलौता बेटा था। सुशील ने कहा कि मुझे उस पर बहुत गर्व है; उसने एक जीवन बचाते हुए अपनी जान गंवा दी, लेकिन यह दुख की बात भी है क्योंकि वह मेरा इकलौता बेटा था।

Flight Lieutenant Siddharth Yadav

Flight Lieutenant Siddharth Yadav

सिद्धार्थ के पिता सुशील यादव बोले कि उनका सपना था कि बेटा चीफ ऑफ एयर स्टॉफ बनकर ही घर आए। हर एयरफोर्स अधिकारी के पिता का यही सपना होता है, उनका भी यही सपना था। सुशील यादव ने आगे कहा कि मेरी चार पीढ़ी सेना से रही हैं। मुझे यही बताया गया है कि वो अंतिम समय में विमान से इजेक्ट कर सकता था, लेकिन लोगों को बचाने के लिए उसने ऐसा नहीं किया। वो बहादुर बच्चा था, वो हमेशा खुद को आगे रखने की कोशिश करता था। शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की मां सुशीला ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। मैं देश की हर मां से कहना चाहती हूं कि वे अपने बेटों को देशसेवा के लिए सेना में भेजें। मुझे उसकी मां होने पर गर्व है। मुझे उसकी शहादत पर गर्व है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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