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Ladakh Statehood Protest: सोनम वांगचुक की संस्था SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द, केंद्र का बड़ा एक्शन

Ladakh Statehood Protest: सोनम वांगचुक की गैर-लाभकारी संस्था का एफसीआरए (FCRA Registration) पंजीकरण केंद्र सरकार ने रद्द कर दिया है।

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सोनम वांगचुक (फोटो: Facebook)

Ladakh Statehood Protest: सोनम वांगचुक पर केंद्र का बड़ा एक्शन सामने आया है। सरकार ने लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गैर-लाभकारी संस्था SECMOL का एफसीआरए (FCRA Registration) पंजीकरण रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि NGO ने विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।

बता दें कि यह कार्रवाई वांगचुक के नेतृत्व में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई है।

SECMOL क्या है

SECMOL यानी Students' Educational and Cultural Movement of Ladakh एक शैक्षणिक संस्था है जो लद्दाख में स्थित है। इसकी स्थापना 1998 में सोनम वांगचुक और उनके साथियों ने की थी। इसका उद्देश्य था लद्दाख के युवाओं को ऐसी शिक्षा देना जो उनकी संस्कृति, पर्यावरण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हो।

कथित उल्लंघनों का सारांश-

घोषणा नोटिस और जांच:

गृह मंत्रालय (MHA) ने SECMOL को 20 अगस्त 2025 को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया।

SECMOL की प्रतिक्रिया की समीक्षा के बाद, MHA ने निम्नलिखित उल्लंघनों का पता लगाया

अनुचित निधि जमा:

FY 2021-22 में सोनम वांगचुक नामक व्यक्ति से SECMOL ने ₹3.5 लाख अपने FCRA खाते में जमा किए।

MHA ने कहा कि यह राशि FC-4 फॉर्म में विदेशी दान के रूप में रिपोर्ट की गई थी, लेकिन FCRA खाते में जमा नहीं हुई।

MHA को संदेह है कि राशि नकद में प्राप्त हुई, जो कि अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन है।

इस लेन-देन का FCRA खाते में अभिलेख न होना, धारा 18 का उल्लंघन है।

स्थानीय निधि का जमा होना:

FY 2020-21 में तीन व्यक्तियों द्वारा FCRA खाते में ₹54,600 स्थानीय निधि जमा किए गए, जिसे एसोसिएशन ने गलती माना।

MHA ने कहा कि यह साबित करता है कि स्थानीय निधि गलत तरीके से FCRA खाते में जमा हुई, जो धारा 17 का उल्लंघन है।

“सार्वभौमिकता” के लिए निधि स्वीकार करना:

SECMOL ने एक विदेशी दाता से ₹4,93,205 प्राप्त किए, जो "सार्वभौमिकता" पर जागरूकता फैलाने के प्रोजेक्ट के लिए थे।

MHA ने कहा कि राष्ट्रीय हित के खिलाफ विदेशी योगदान स्वीकार करना, धारा 12(4)(f)(i) का उल्लंघन है।

विदेशी योगदान वापस करना:

FY 2021-22 में SECMOL ने ₹19,600 एक दाता को वापस किए, जो एक स्वयंसेवक के भोजन और आवास के लिए प्राप्त थे।

MHA ने कहा कि अधिनियम में विदेशी योगदान दाताओं को वापस करने का प्रावधान नहीं है; यह व्यक्तिगत लाभ या अवांछित उपयोग का संकेत देता है, जो धारा 8(1)(a) का उल्लंघन है।

पंजीकरण रद्द करना

इन उल्लंघनों के आधार पर, MHA ने निष्कर्ष निकाला कि SECMOL का FCRA पंजीकरण धारा 14 के तहत रद्द किया जाना योग्य है।

सक्षम प्राधिकारी ने SECMOL का FCRA पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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