Kota Suicide: मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों का हब माने जाने वाले कोटा से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक 17 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र पिछले सप्ताह ही नीट की तैयारी करने के लिए कोटा आया था। इसके बाद कोटा में इसी साल जनवरी से आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या बढ़कर 16 पहुंच गई है।
पुलिस ने बताया कि छात्र की पहचान पुष्पेंद्र सिंह के रूप में हुई है, वह कोटा से 500 किलोमीटर दूर जालौर का निवासी था। पुष्पेंद्र एक सप्ताह पहले कोटा आया था और यहां एक कोचिंग सेंटर में नीट की तैयारी के लिए दाखिला लिया था। पुलिस ने बताया, आज सुबह वह अपने हॉस्टल में मृत पाया गया। पुलिस को अभी तक छात्र के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
फांसी लगाकर दी जान
पुलिस ने बताया, पुष्पेंद्र जवाहर नगर इलाके के राजीव गांधी नगर के एक हॉस्टल में अपने चचेरे भाई के साथ रह रहा था। घटना के वक्त चचेरा भाई बाहर गया हुआ था, जब वह वापस लौटा तो देखा रूम का दरवाजा बंद है। उसने आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पुष्पेंद्र के चचेरे भाई ने हॉस्टल संचालक की मदद से खिड़की का कांच तोड़ा और अंदर देखा तो छात्र फंदे पर लटका हुआ था।
परिजनों ने की जांच की मांग
छात्र की मौत की सूचना पर कोटा पहुंचे परिजनों ने इस मामले में जांच की मांग की है। पुष्पेंद्र के चाचा इंद्र सिंह ने कहा, कोटा में ऐसा क्यों हो रहा है? बच्चे घर से खुश होकर आते हैं। उन्होंने कहा, कोटा आने से पहले पुष्पेंद्र खुश था, उसने अपने माता-पिता से खुशी से बात की और यहां आकर ऐसा कर लिया। उन्होंने कहा, हमारा बच्चा 11वीं कक्षा में था, वह 7 दिन पहले यहां आया था। उसे पहले कोई तनाव नहीं था। प्रशासन को जांच करनी चाहिए कि यहां ऐसा क्यों हो रहा है।
मई में हुई थी आत्महत्या की पांच घटनाएं
बीते कुछ सालों में कोटा में कई छात्रों ने आत्महत्याएं की हैं। पिछले साल कोटा में 15 छात्रों की आत्महत्या से मौत हो गई थी। इस साल यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पिछले महीने दो दिनों में ऐसी दो आत्महत्याओं की सूचना मिली थी। मई में कोटा में 5 छात्रों ने आत्महत्या की थी।
