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Gyanvapi mosque news: ज्ञानवापी विवाद के वे 7 मामले जिन पर कोर्ट करेगा एक साथ सुनवाई

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 24, 2023, 11:25 AM IST

Gyanvapi mosque news : अगस्त 2021 में पांच महिलाओं ने स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें मस्जिद परिसर के अंदर स्थित मां शृंगार गौरी स्थल पर नियमित पूजा के अधिकार की मांग की गई। इस पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने सातों मुकदमों को एक ही प्रकृति का बताते हुए एक साथ सुनवाई किए जाने का आदेश दिया।

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ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े सभी मामलों में होगी एक साथ सुनवाई।

Photo : PTI

Gyanvapi mosque news : वाराणसी जिला अदालत ने मंगलवार को अपने अहम फैसले में कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद विवाद से जुड़े सभी सात मामलों की वह एक साथ सुनवाई करेगी। जिला जज ने अपने आदेश में कहा कि मस्जिद विवाद से जुड़े सभी सात मामलों को एक में मिलाकर इन पर सुनवाई की जाएगी। ज्ञानवापी और आदि विश्वेश्वर मामलों के विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने बताया कि जिला न्यायाधीश ए. के. विश्वेश ने प्रतिवादियों की आपत्तियों के बावजूद अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए ज्ञानवापी प्रकरण से संबंधित एक ही प्रकृति के सात मुकदमों की सुनवाई एक साथ करने का आदेश सुनाया। अदालत जिन सात मामलों की सुनवाई एक साथ करेगी, उन पर एक नजर डालते हैं-

  1. ज्ञानवापी परिसर को काशी विश्वनाथ का मूल मंदिर बताते हुए आदि विश्वेश्वरनाथ, श्रृंगार गौरी सहित अन्य हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने का अधिकार मांगा गया है। यह अर्जी वकील हरिशंकर जैन और रंजना अग्निहोत्री की ओर से दायर की गई है।
  2. इसी मामले से जुड़ी एक दूसरी अर्जी महाराष्ट्र के सुरेश चव्हाण ने दायर की है। चव्हाण ने अपनी अर्जी में ज्ञानवापी परिसर स्थित आदि विश्वेश्वरनाथ को आराध्य देव बताते हुए उनकी पूजा करने का अधिकार मांगा है।
  3. तीसरा मामला ज्योतिर्लिंग आदि विश्वेश्वर की ओर से शीतला माता मंदिर के महंत पंडित शिव प्रसाद पांडेय ने दावा दाखिल किया है।
  4. मीरघाट निवासी सितेंद्र चौधरी और अन्य ने नंदीजी महाराज की ओर से दावा दाखिल किया है।
  5. लखनऊ निवासी सत्यम त्रिपाठी एवं अन्य ने अपनी अर्जी में विश्वेश्वरनाथ एवं अन्य देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन का अधिकार मांगा है।
  6. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग नुमा आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए पूजा-पाठ एवं श्रृंगार की मांग की है।
  7. 24 मई 2022 को आदि विश्वेश्वर की ओर से विश्व वैदिक सनातन संघ के किरन सिंह विशेन ने दावा दाखिल करते हुए ज्ञानवापी परिसर आदि विश्वेश्वर को सौंपने की मांग की।

कोर्ट का कहना है कि ये सभी मामले एक जैसे हैं

उत्तर प्रदेश में वाराणसी की एक जिला अदालत ने ज्ञानवापी मामले से संबंधित एक ही प्रकृति के सात मुकदमों की सुनवाई एक साथ किये जाने का मंगलवार को आदेश दिया। बता दें कि अगस्त 2021 में पांच महिलाओं ने स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें मस्जिद परिसर के अंदर स्थित मां शृंगार गौरी स्थल पर नियमित पूजा के अधिकार की मांग की गई। इस पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने सातों मुकदमों को एक ही प्रकृति का बताते हुए एक साथ सुनवाई किए जाने का आदेश दिया।

ASI सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक

अप्रैल 2022 में दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण का आदेश दिया। सर्वे रिपोर्ट में मस्जिद परिसर में ऐसी कई वस्तुएं एवं प्रमाण मिले जो वहां हिंदू मंदिर होने की ओर इशारा करते हैं। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने पूरे मस्जिद परिसर वैज्ञानिक एवं कार्बन डेटिंग की मांग की। इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने भी मस्जिद परिसर का सर्वे एएसआई से कराने का आदेश दिया। हालांकि हाई कोर्ट के इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक सर्वे पर रोक लगा दी है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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