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Kisan Andolan: ड्रोन का मुकाबला पतंग से, किसानों के इस तोड़ के सामने पुलिस बेबस!

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Feb 14, 2024, 10:13 PM IST

Kisan Andolan: किसानों को रोकने के लिए जब पुलिस की ओर से आंसू गैस के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाने लगा तो किसानों ने इसका गजब ही सस्ता जुगाड़ निकाल लिया। जैसे ही पुलिस का ड्रोन हवा में दिखता, किसान उसे अपने पतंग में उलझा देते।

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किसान आंदोलन के दौरान आंसू गैंस के गोले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर ही है पुलिस

Photo : Twitter

Kisan Andolan: किसान एक बार फिर से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए उतरे हुए हैं। पंजाब की ओर से दिल्ली आने की कोशिश कर रहे किसानों को हरियाणा सरकार अपनी सीमा पर रोकने की पूरी कोशिश कर रही है। हरियाणा सरकार जब सभी सीमाओं को एक तरह से सील की हुई है, भारी बैरिकेडिंग की हुई है, वहीं किसान भी अवरोधकर हटाकर दिल्ली मार्च करने के लिए आमादा दिखे।

ड्रोन के मुकाबले पतंग

किसानों को रोकने के लिए जब पुलिस की ओर से आंसू गैस के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाने लगा तो किसानों ने इसका गजब ही सस्ता जुगाड़ निकाल लिया। जैसे ही पुलिस का ड्रोन हवा में दिखता, किसान उसे अपने पतंग में उलझा देते। पुलिस के ड्रोन को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ता। कई बार ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

पंजाब से लगातार आ रहे किसान

दिल्ली चलो मार्च में भाग लेने के लिए पंजाब के कई स्थानों से किसानों का आना जारी है। पंजाब की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी देखी जा सकती हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जब कुछ किसान शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड के पास एकत्र हुए तो हरियाणा पुलिस ने बुधवार सुबह आंसू गैस के कई गोले दागे। इसके बाद जब भी प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों की ओर बढ़ने का प्रयास किया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

किसानों की मांगें

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि किसान अपनी मांगों को स्वीकार कराने के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली जाएंगे। किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और कृषि श्रमिकों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफी, पुलिस मामलों को वापस लेने और लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए 'न्याय' की भी मांग कर रहे हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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