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केरल में दो महीने में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा संक्रमण का तीसरा मामला आया सामने, कोझिकोड में 12 वर्षीय लड़का हुआ संक्रमित

Amoeba Infection: केरल के कोझिकोड जिले में एक 12 वर्षीय बालक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस से पीड़ित हो गया है, जो दूषित जल में पाए जाने वाले एक मुक्त-जीवित अमीबा के कारण होने वाला एक दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण है।

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कोझिकोड में 12 वर्षीय लड़का मस्तिष्क खाने वाले अमीबा से संक्रमित

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Amoeba Infection: केरल के कोझिकोड जिले में 12 वर्षीय एक लड़का दूषित जल में पाए जाने वाले अमीबा से होने वाले दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण से पीड़ित है। एक निजी अस्पताल से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। केरल में मई के बाद से घातक संक्रमण का यह तीसरा मामला है। कोझिकोड के 12 वर्षीय लड़के को सोमवार को यहां बेबी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों में से एक ने कहा कि संक्रमण की पहचान कर ली गई थी और उसी दिन इलाज शुरू हो गया था। चिकित्सक ने कहा कि इस बीमारी से मृत्यु दर 95-100 प्रतिशत है। लड़के की हालत गंभीर है। यह अमीबा दूषित जल में पाया जाता है और दूषित जल में नहाने या गोताखोरी करने से इसके संपर्क में आने का खतरा होता है।

Amoeba Infection

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मई से इस अमीबा ने पकड़ी है रफ्तार

बता दें, इस महीने की शुरुआत में कन्नूर की 13 वर्षीय लड़की की इसी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। मई में मलप्पुरम में पांच वर्षीय बच्चे की संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। चूंकि संक्रमण दूषित जल के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है, इसलिए राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने तालाबों और नदियों के उपयोग के प्रति चेतावनी दी है तथा स्विमिंग पूल और जल प्रबंधन अधिकारियों से उचित जल उपचार सुनिश्चित करने को कहा है। विभिन्न संक्रामक रोगों के प्रसार को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पतालों में जाते समय मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया है।

Amoeba

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स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने की समीक्षा बैठक

स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थितियों की समीक्षा की गई। पिछले साल अलपुझा जिले में इस संक्रमण के कारण 15 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई थी। जानलेवा माने जाने वाले इस दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण के मामले पहले भी केरल में सामने आ चुके हैं। अमीबा आमतौर पर दूषित पानी से नाक के नरम ऊतकों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है। इस सक्रमण के प्रमुख लक्षण बुखार, सिरदर्द, उल्टी और दौरे पड़ना हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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