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आज ही कर्नाटक सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 5 वादे बनेंगे कानून, शपथ ग्रहण में बोले राहुल गांधी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated May 20, 2023, 02:19 PM IST

बैंगलुरू के श्री कांतीरवा स्टेडियम राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के सीनियर नेता सिद्धरमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार को पद की उपमुख्यमंत्री शपथ ली। साथ ही कई मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि पहली कैबिनेट में आज ही आपसे किए वादे कानून बनेंगे।

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सिद्धरमैया के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी ने कहा कि 5 वादे आज ही पूरे होंगे।

Photo : Twitter

विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद कांग्रेस के सीनियर नेता सिद्धरमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे दूसरी बार राज्य के सीएम बने। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने भी शपथ ली। वे डिप्टी सीएम होंगे। इसके साथ ही कई विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथग्रहण के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वहां आए कर्नाटक के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आपसे 5 वादे किए थे। मैंने कहा था कि हम झूठे वादे नहीं करते। हम जो कहते हैं वह करते हैं। 1-2 घंटे में कर्नाटक सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी। इस बैठक में ये 5 वादे कानून बनेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम आपको स्वच्छ, भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देंगे।

कर्नाटक सरकार के नए मंत्री

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने श्री कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धरमैया, शिवकुमार और अन्य नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर, एम बी पाटिल, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे, वरिष्ठ नेता के एच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, सतीश जार्कीहोली, रामालिंगा रेड्डी और बी जेड जमीर अहमद खान ने मंत्री पद की शपथ ली। कर्नाटक कैबिने में मंत्रियों की संख्या 34 तक हो सकती है। फिलहाल मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री समेत कुल 10 सदस्य हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कैबिनेट का विस्तार होगा।

इन समुदाय से आते हैं सिद्धरमैया, शिवकुमार समेत शपथ लेने वाले मंत्री

कांग्रेस ने दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में सरकार गठन में सामाजिक समीकरण को साधने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उप मुख्यमंत्री शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। वहीं, परमेश्वर, मुनियप्पा और प्रियंक दलित समुदाय से संबंध रखते हैं, जबकि एम बी पाटिल लिंगायत समुदाय से आते हैं। खान मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और जॉर्ज का संबंध ईसाई समुदाय से है। जार्कीहोली अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं, जबकि रामालिंगा रेड्डी का संबंध रेड्डी जाति से है।

विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण

शपथ ग्रहण समारोह विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में आयोजित हुआ। कांग्रेस ने इस समारोह के माध्यम से विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के कई अन्य सीनियर नेता शामिल हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस समारोह में शिरकत की।

कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटें अपने नाम की थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीटें हासिल की थीं। सिद्धरमैया इससे पहले मई 2013 से मई 2018 के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कभी जनता दल और जनता दल (सेक्युलर) का हिस्सा रहे सिद्धरमैया दो बार राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। पिछली विधानसभा में वह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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