देश

हो गया तारीख का ऐलान! डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल ने भेजा न्योता

Karnataka New CM Oath Ceremony: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने डी.के. शिवकुमार को विधायक दल (CLP) का नेता चुन लिया है। बेंगलुरु में हुई सीएलपी बैठक में के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे। नेता चुने जाने के बाद डी.के. शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। राज्यपाल ने उन्हें 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

Image

डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे सीएम पद की शपथ। PTI

Photo : PTI

Karnataka New CM Oath Ceremony: कर्नाटक में 'शिव राज' की शुरुआत हो चुकी है। डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) को कांग्रेस पार्टी ने विधायक दल का नेता चुन लिया है। साथ ही अब उन्हें 3 जून को शपथ लेने के लिए राज्यपाल ने निमंत्रण भेजा है। सूत्रों के मुताबिक, 3 जून को वो सीएम पद की शपथ लेंगे। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डी.के. शिवकुमार को 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। हाल ही में सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दिया है।

सीएलपी की बैठक में चुना गया नेता

डीके शिवकुमार के नाम की मुहर लगने के बाद बेंगलुरु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी की मीटिंग हुई. इसमें पार्टी के दो बड़े नेताओं ने केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे. उन्होंने पूरी प्रक्रिया को संभाला। इसके अलावा नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की।

डीके शिवकुमार के सियासी सफर पर एक नजर

कर्नाटक की सियासत में डीके शिवकुमार आज एक ऐसा नाम हैं जिन्हें चुनावी मैदान में हराना नामुमकिन माना जाता है। उनके इस अजेय सफर की शुरुआत साल 1985 में हुई, जब महज 23 साल की उम्र में कांग्रेस ने उन पर एक बड़ा दांव खेला। पार्टी ने उन्हें सैटनूर विधानसभा सीट से उस समय के दिग्गज नेता और भविष्य के प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतार दिया। हालांकि, शिवकुमार अपना यह पहला चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने देवेगौड़ा को ऐसी कड़ी टक्कर दी कि वे रातों-रात सुर्खियों में आ गए और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के भरोसेमंद बन गए।

इसके बाद शिवकुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 1989 में उन्होंने सैटनूर सीट से दोबारा ताल ठोकी और पहली बार विधानसभा पहुंचे। तब से लेकर आज तक, चाहे सैटनूर सीट हो या कनकपुरा, जनता ने हमेशा उन पर भरोसा जताया है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में लगातार 8 बार विधानसभा चुनाव जीतकर एक रिकॉर्ड कायम किया है।

उनके इस शानदार सफर का सबसे बड़ा ऐतिहासिक पल साल 2023 के विधानसभा चुनाव में आया। कनकपुरा सीट पर उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता आर. अशोक को 1,22,000 से भी अधिक वोटों के रिकॉर्ड अंतर से शिकस्त देकर अपनी सियासी ताकत का लोहा मनवाया। इस बंपर जीत के बाद वे मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे थे, लेकिन कड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सिद्दारमैया को सूबे की कमान मिली और डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) के रूप में कार्यभार संभाला।

डीके के पास कितनी संपत्ति?

डीके शिवकुमार, भारत के सबसे अमीर राजनेताओं में गिने जाते हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और उनके द्वारा 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दाखिल किए गए आधिकारिक हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 1,413 करोड़ रुपये से अधिक है। इस घोषणा के साथ ही वे देश के सबसे अमीर विधायक घोषित किए गए थे।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article