Karnataka Bike Taxi Service: कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य में बाइक टैक्सी पर लगा प्रतिबंध शुक्रवार को हटा दिया, जिससे इन सेवाओं को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि उन्हें अभी तक आदेश की प्रति नहीं मिली है और वह इसकी समीक्षा करने के बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे। हालांकि, उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ का आदेश रद्द कर दिया है।
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘हाई कोर्ट की एकल पीठ ने बाइक टैक्सी पर रोक लगा दी थी। अब खंडपीठ ने उस आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार कर ली है। एक बार फैसले की प्रति आ जाने दीजिए, मैं इसे पढ़कर आप सभी से चर्चा करूंगा।’’ कंपनी 'उबर' ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है।
उबर ने क्या कुछ कहा?
‘उबर’ ने एक बयान में कहा, ‘‘हम कर्नाटक में बाइक टैक्सी को यात्री परिवहन के वैध माध्यम के रूप में मान्यता देने के माननीय हाई कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं।’’ कंपनी के अनुसार, बाइक टैक्सियां भारतीय शहरों के लिए आवाजाही का एक महत्वपूर्ण साधन हैं।
वाहन चालकों को मिलेगी राहत
बयान के अनुसार, ‘‘इस फैसले से उन लाखों वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी, जो अपनी आजीविका के लिए बाइक टैक्सियों पर निर्भर हैं। हम इस यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और शहरों की आवाजाही संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।'
नम्मा बाइक टैक्सी एसोसिएशन, जो पूरे कर्नाटक में बाइक टैक्सी ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करता है, ने सरकार से बैन पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके अलावा, जून में एसोसिएशन ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्य में लाखों गिग वर्कर्स की रोजी-रोटी बचाने के लिए उनके दखल की मांग की थी।
