Karnataka Polls 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बीच नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जारी है। आज बीजेपी नेता व पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। सावदी टिकट नहीं मिलने से नाराज थे और दो दिन पहले ही पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया था। लक्ष्मण सावदी ने 12 अप्रैल को अथानी निर्वाचन क्षेत्र का टिकट नहीं मिलने के बाद विधान परिषद सदस्यता और भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
शिवकुमार बोले, बिना शर्त हुए पार्टी में शामिल
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सावदी के कांग्रेस में शामिल होने पर कहा कि उनके हमारी पार्टी में शामिल होने की कोई शर्त नहीं है। उन्हें लगता है कि बीजेपी में उनका अपमान किया गया है। ऐसे महान नेताओं को कांग्रेस पार्टी में लाना हमारा कर्तव्य है। 9-10 से अधिक मौजूदा विधायक हैं जो हमसे जुड़ना चाहते हैं लेकिन हमारे पास उन्हें समायोजित करने के लिए जगह नहीं है।
सावदी को नहीं मिला बीजेपी से टिकट
बीजेपी की 189 उम्मीदवारों वाली पहली लिस्ट में सावदी का नाम नहीं था। इससे नाराज सावदी ने बुधवार (12 अप्रैल, 2023) को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा, मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो भीख मांगने वाला कटोरा लेकर पहुंच जाते हैं। मैं आत्म-सम्मान वाला राजनेता हूं। मैं किसी के प्रभाव या दवाब में आकर काम नहीं करता हूं।
अथानी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों और समर्थकों को अपना असली आलाकमान बताते हुए सावदी ने कहा कि उन्होंने उन्हें पार्टी के साथ-साथ विधानपरिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा था, मैं अपने आलाकमान खोने के लिए तैयार नहीं हूं। उनके निर्देशों का पालन करना मेरा पहला कर्तव्य है। जब मैंने अपनी पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है तो क्या मुझे एमएलसी के रूप में बने रहना चाहिए? मैं आत्मसम्मान वाला व्यक्ति हूं।
सावदी अथानी विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार महेश कुमाथल्ली के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। कुमाथल्ली दल बदलने वाले कांग्रेस के उन नेताओं में थे, जिन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन की तत्कालीन सरकार को गिराने और 2019 में बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने में मदद की थी। वह भाजपा में शामिल हो गए थे। कुमाथल्ली को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली का समर्थन भी हासिल है।
