Karnataka Assembly Election 2023 : कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों के लिए मतगणना जारी है। इन सभी सीटों के रुझान सामने आ गए हैं। रुझानों के मुताबिक कर्नाटक की सत्ता में कांग्रेस की वापसी एक तरह से तय हो गई है। वह 115 सीटों पर आगे चल रही है। कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए 113 सीटों की जरूरत है। जाहिर है कि ये रुझान नतीजों में तब्दील हो गए तो सरकार बनाने में कांग्रेस को कोई मुश्किल नहीं होगी। यदि जादुई आंकड़े से उसे कुछ कम सीटें भी मिलती हैं तो वह अन्य या जेडी-एस के समर्थन से सरकार बना सकती है। इस चुनाव में भाजपा 72 सीटों, जेडी-एस 29 और अन्य पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं।
चुनाव में कांग्रेस ने सीएम फेस घोषित नहीं किया था
चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री को लेकर है। सवाल है यह है कि दक्षिण के इस राज्य के लिए वह किसे मुख्यमंत्री बनाने जा रही है-सिद्दारमैया को या डीके शिवकुमार को। चुनाव से पहले कांग्रेस के ये दोनों नेता सीएम बनने को लेकर अपनी इच्छी खुली तौर पर जाहिर कर चुके हैं। कांग्रेस जानती थी कि चुनाव से पहले किसी एक को सीएम पद का चेहरा बनाने से पार्टी में आपसी गुटबाजी तेज हो सकती है औऱ चुनाव में उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह देखते हुए उसने सीएम पद का चेहरा घोषित नहीं किया।
इस फॉर्मूले पर आगे बढ़ सकती है कांग्रेस
सिद्दारमैया पहले भी सीएम रह चुके हैं जबकि डीके शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। चर्चा यह भी है कि इन दोनों नेताओं में आपस में नहीं बनती। सूत्रों का कहना है कि अपने इन दोनों नेताओं की महात्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक फॉर्मूला तैयार किया है। इस फॉर्मूले के तहत सिद्दारमैया और शिवकुमार को ढाई-ढाई साल तक सीएम बनाया जाएगा। पहले ढाई साल सीएम पद पर सिद्दारमैया और दूसरे ढाई साल शिवकुमार सीएम रहेंगे। हालांकि, ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला हमेशा सफल नहीं होता है। ढाई साल बाद नेता सीएम पद छोड़ने से मना कर देते हैं।
खड़के को बनाया जा सकता है CM
सूत्रों का यह भी कहना है कि आंतरिक गुटबाजी एवं सत्ता के कलह से पार्टी को दूर रखने के लिए कांग्रेस किसी और चेहरे को सीएम पद की जिम्मेदारी दे सकती है। यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे को सीएम बना दिया जाए। खड़गे अभी कांग्रेस अध्यक्ष हैं। उन्हें सीएम बनाए जाने का विरोध डीके शिवकुमार एवं सिद्दारमैया भी नहीं करेंगे। चूंकि, कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी जीत हुई है।
कोई अन्य चेहरा भी आ सकता है सामने
इस जीत का श्रेय राहुल गांधी को देकर अध्यक्ष पद पर उनकी वापसी कराई जा सकती है। खड़गे कर्नाटक में सीएम बनेंगे तो कांग्रेस इसका दूसरे राज्यों के दलित वोटरों में एक संदेश भी देगी। यह भी हो सकता है कि कांग्रेस किसी अन्य अनाम लेकिन वफादार चेहरे को सीएम पद के लिए आगे कर दे। फिलहाल, अभी तो सभी की नजरें डीके शिवकुमार एवं सिद्दारमैया पर टिकी हैं।
