Wi-Fi की वजह से गिरफ्तार हुआ Codeine Cough Syrup कांड का मास्टरमाइंड, कैसे एक गलती ने खोल दी आरोपी विनोद अग्रवाल की पोल?
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 26, 2026, 12:36 PM IST
Codeine Cough Syrup Scam: कानपुर में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े मामले में क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी और 50 हजार के इनामी विनोद अग्रवाल को हरियाणा के नारनौल से गिरफ्तार किया है। आरोपी 75 दिनों से फरार था और मोबाइल-लैपटॉप बंद रखकर ठिकाने बदल रहा था। लेकिन वाई-फाई नेटवर्क से व्हाट्सएप लॉगिन करने की एक चूक से पुलिस ने आईपी एड्रेस ट्रैक कर उसे पकड़ लिया।
Codeine Cough Syrup Scam: मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया।(
Codeine Cough Syrup Scam: प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद- फरोख्त और तस्करी के बहुचर्चित मामले में कानपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। क्राइम ब्रांच ने 50 हजार रुपये के इनामी और मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 75 दिनों से फरार चल रहा था, लेकिन एक छोटी सी तकनीकी चूक, वाई-फाई नेटवर्क से व्हाट्सएप लॉगिन की वजह से उसका ठिकाना उजागर कर दिया।
नवंबर 2025 में हुआ था कांड का खुलासा
यह मामला नवंबर 2025 में सामने आया था, जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर कानपुर की बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स की दुकान और कोपरगंज के गोदाम पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का कोडीन युक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल टैबलेट्स और बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं बरामद हुई थीं।
छापे के समय विनोद अग्रवाल और उसका बेटा शिवम अग्रवाल मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद कलेक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें बीएनएस के साथ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गईं।
12 राज्यों में फैला था नेटवर्क, 65 से ज्यादा फर्जी फर्में
जांच के लिए गठित एसआईटी ने 12 मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की थी। इनमें विनोद अग्रवाल, विभोर राणा, सौरभ त्यागी, विशाल राणा, पप्पन यादव, शादाब, मनोहर जायसवाल, अभिषेक शर्मा, विशाल उपाध्याय, भोला प्रसाद, शुभम जायसवाल और आकाश पाठक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 12 राज्यों में 65 से अधिक फर्जी फर्में बनाकर प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की। इस नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन होने की भी आशंका जताई गई है।
75 दिन की फरारी, 5 राज्यों में बदले ठिकाने
फरारी के दौरान विनोद अग्रवाल ने मोबाइल और लैपटॉप लगातार स्विच ऑफ रखे। उसने 5 राज्यों के 8 शहरों में ठिकाने बदले। कुछ समय वह कानपुर में रिश्तेदारों और साझेदारों के यहां छिपा रहा, लेकिन दबाव बढ़ने पर दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गया।
वाई-फाई बना कमजोरी, आईपी एड्रेस से ट्रैक
3 जनवरी 2026 को नारनौल में एक शरणदाता के घर से आरोपी ने किसी खास व्यक्ति से संपर्क करने के लिए वाई-फाई नेटवर्क पर व्हाट्सएप लॉगिन किया। यहीं वह चूक गया। क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम ने आईपी एड्रेस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली और तुरंत जाल बिछा दिया। बाजार की तंग गलियों में चलाए गए ऑपरेशन के बाद आरोपी को दबोच लिया गया।
ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महेंद्रगढ़ कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी को कानपुर लाया जा रहा है। उसके 26 जनवरी की सुबह तक पहुंचने की संभावना है। डीसीपी क्राइम ब्रांच श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अवैध क्रय-विक्रय, भंडारण, अंतर्राष्ट्रीय सप्लाई, कूटरचित दस्तावेज, साक्ष्य से छेड़छाड़ और सरकारी कार्य में बाधा जैसे मामलों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। छापेमारी के दौरान दुकान और गोदाम से कोई वैध बिक्री रिकॉर्ड नहीं मिला था, जो अवैध कारोबार की पुष्टि करता है।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों के ठिकाने, फर्जी फर्मों के जरिए खपाया गया पैसा और अंतर्राष्ट्रीय लिंक से जुड़े अहम खुलासे होंगे। साथ ही आरोपी की संपत्ति जब्ती और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। यह गिरफ्तारी कोडीन कफ सिरप कांड में सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि नशे की सप्लाई चेन में विनोद अग्रवाल की भूमिका केंद्रीय बताई जा रही है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।