Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच का नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने गुरुवार को बिहार के भोजपुर जिले में मृतक के पैतृक गांव का दौरा किया और उनके परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भोजपुर जिला मजिस्ट्रेट तनाई सुल्तानिया और एसपी राज के साथ न्यायमूर्ति सिन्हा बिलौती गांव गए और परिवार से बातचीत की। पिछले सप्ताह भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में तिवारी की मौत ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, जिससे पुलिस द्वारा बल प्रयोग पर सवाल उठ रहे हैं और स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही है।
घटना की न्यायिक जांच के आदेश
राज्य सरकार ने इसके बाद घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए। पुलिस के अनुसार, शाहपुर पुलिस थाना क्षेत्र के बिलौती गांव के निवासी तिवारी ने 17 जून को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के प्रयास में अवैध हथियार से पुलिस टीम पर गोलीबारी की। पुलिस का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तिवारी को गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उनके परिवार ने आरोप लगाया कि गोलीबारी से पहले उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार फेंक दिया था। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर कथित तौर पर प्रसारित हो रहे वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस द्वारा गोली चलाने के समय वह निहत्थे थे।
सीएम सम्राट बोले- होगी सख्त कार्रवाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर मुठभेड़ की हालिया घटना का जिक्र करते हुए गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का तत्काल गठन किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटना के ज्ञान भवन में 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना और संविधान के मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने सहयोग शिविर का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 3.70 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3.20 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी आंदोलन के हर सेनानी और लोकतंत्र रक्षक को उचित सम्मान दिया जाएगा और ऐसे पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो अब तक किसी कारणवश सम्मान और सुविधाओं से वंचित रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। दोनों नेताओं ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन लगभग 50 वर्ष पहले देश ने लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आघात भी देखा था। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय था और इसी स्मृति को जीवित रखने के लिए देशभर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है।
2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, गरीबों को न्याय, महिलाओं के सम्मान, किसानों की सुरक्षा एवं युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन और गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने जैसी योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 25 लाख गरीब परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जे पी सेनानियों के सम्मान और पेंशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। उन्होंने कहा कि अगली बार 25 जून को आयोजित कार्यक्रम में ऐसे सभी शेष जेपी सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा, जो अब तक किसी कारण से इससे वंचित रह गए हैं। कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद राधामोहन सिंह, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जेपी सेनानी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
