जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों से लगातार सामने आ रहे भर्ती घोटालों, परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और प्रशासनिक तंत्र की विफलताओं से युवाओं में भारी आक्रोश है। इस गंभीर समस्या को लेकर 'जम्मू & कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (JKSA) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है। छात्र संघ ने राहुल गांधी से पुरजोर अपील की है कि वे केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं के इस ज्वलंत मुद्दे को संसद के भीतर प्रमुखता से उठाएं।
राहुल गांधी को भेजे गए अपने पत्र में एसोसिएशन ने पिछले कुछ सालों में सार्वजनिक भर्तियों के दौरान हुई अनियमितताओं, अपारदर्शी टेंडर प्रक्रियाओं, आउटसोर्सिंग को लेकर उठे विवादों और संस्थागत कमियों पर गहरी चिंता और दुख जताया है। संघ का कहना है कि इन लगातार होती गड़बड़ियों ने पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को खत्म कर दिया है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने कहा कि बार-बार होने वाले विवादों ने न केवल भर्ती प्रणाली से जनता का भरोसा उठाया है, बल्कि निष्पक्षता और योग्यता (मेरिट) के सिद्धांतों को भी भारी चोट पहुंचाई है।
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'एक पूरी पीढ़ी का भविष्य बर्बाद'
इसकी वजह से मेहनत करने वाले हजारों योग्य उम्मीदवारों और छात्रों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पढ़े-लिखे युवाओं के लिए सरकारी नौकरियां सिर्फ रोजगार का एक जरिया नहीं हैं, बल्कि यह उनकी आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मामला है। बदकिस्मती से भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े, पेपर लीक, धांधली और प्रशासनिक नाकामियों के कारण एक पूरी पीढ़ी का भविष्य और उनका सार्वजनिक संस्थानों पर भरोसा डगमगा गया है।
छात्र संघ ने संसद में मुद्दा उठाने का किया आग्रह
छात्र संघ का मानना है कि जब तक इस पूरे तंत्र की कमियों को दूर नहीं किया जाता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक युवाओं का विश्वास बहाल नहीं हो सकता। इसी वजह से उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से हस्तक्षेप करने और संसद में केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने का आग्रह किया है।
