Dhanteras par kitne diye jalaye: धनतेरस का त्योहार सिर्फ सोना-चांदी या नए बर्तन खरीदने का दिन नहीं है। यह घर में सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करने का भी पर्व है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। शाम होते ही घरों में दीप जलाए जाते हैं। मान्यता है कि दीपक की रोशनी से घर में सकारात्मकता आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि धनतेरस पर आखिर कितने दीये जलाने चाहिए? क्या 5, 11 या 13 दीये जलाना शुभ होता है? साथ ही घर में किन जगहों पर दीपक रखना जरूरी माना जाता है? आइए जानते हैं धनतेरस पर दीप जलाने से जुड़ी परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं।
धनतेरस पर कितने दीये जलाने चाहिए
धनतेरस पर दीये जलाने की कोई एक अनिवार्य संख्या सभी परंपराओं में तय नहीं है। हालांकि, कई घरों में 13 दीये जलाने की परंपरा प्रचलित है। इनमें से कुछ दीये घर के अंदर और कुछ घर के बाहर रखे जाते हैं।
धनतेरस की शाम 13 दीपक जलाने के पीछे एक खास धार्मिक मान्यता भी जुड़ी है। इसे यम दीपदान कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाकर रखने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र की कामना की जाती है। अगर आपके घर में 13 दीये जलाने की परंपरा नहीं है, तो आप अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार भी दीपक जला सकते हैं। पूजा में संख्या से ज्यादा महत्व साफ मन और श्रद्धा का माना जाता है।
धनतेरस पर किन जगहों पर जरूर जलाएं दीये
धनतेरस पर घर के कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन जगहों पर दीपक रखने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
- घर के मुख्य दरवाजे पर : धनतेरस की शाम घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जरूर जलाएं। दरवाजे के दोनों ओर दीपक रख सकते हैं। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी का घर में स्वागत होता है। मुख्य द्वार को साफ रखें और चाहें तो रंगोली भी बनाएं।
- पूजा घर या मंदिर में : घर के मंदिर में भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के समय घी या तिल के तेल का दीपक इस्तेमाल कर सकते हैं। दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत की प्रार्थना करें।
- घर की दक्षिण दिशा में : धनतेरस पर दक्षिण दिशा में दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है। शाम के समय घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक जलाएं। इसे यम दीपक कहा जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार पर यमराज की कृपा बनी रहती है।
- तुलसी के पौधे के पास : तुलसी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। धनतेरस की शाम तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और भगवान विष्णु तथा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
- घर की रसोई में : रसोई को अन्न और पोषण का स्थान माना जाता है। धनतेरस पर यहां भी एक दीपक जलाएं। इसे घर में अन्न की कमी न होने और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना से जोड़कर देखा जाता है।
- घर की छत या बालकनी में : धनतेरस की शाम छत या बालकनी में भी दीपक रख सकते हैं। इससे घर का हर हिस्सा रोशनी से भर जाता है। पुराने समय में लोग घर की छतों पर भी दीप जलाते थे।
- घर के स्टोर रूम के पास : घर में जिस जगह सामान या कबाड़ रखा जाता है, वहां भी सफाई करके दीपक जलाने की परंपरा कुछ परिवारों में है। मान्यता है कि घर का कोई भी कोना अंधेरे में नहीं रहना चाहिए।
- घर की खिड़कियों के पास : खिड़कियों के पास दीपक जलाने से घर के अंदर और बाहर दोनों ओर रोशनी फैलती है। यह भी दीपदान की प्रचलित परंपराओं में शामिल है।
इनके अलावा कुछ परिवार पीपल या बेल के पेड़ के नीचे और घर के मध्य भाग में भी दीपक जलाते हैं। हालांकि, इन स्थानों की परंपरा हर क्षेत्र और परिवार में अलग हो सकती है।
धनतेरस पर दीपक जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान
- दीपक जलाने से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें।
- मिट्टी के दीपक इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
- यम दीपक के लिए सरसों या तिल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखकर यमराज से परिवार की लंबी उम्र की प्रार्थना करें।
- दीपक ऐसी जगह रखें जहां पर्दे, कागज या दूसरी ज्वलनशील चीजें न हों।
- जलते हुए दीपक को बिना निगरानी के न छोड़ें।
क्या धनतेरस पर 13 से ज्यादा दीये जला सकते हैं
जी हां, धनतेरस पर 13 से ज्यादा दीपक जलाने में कोई मनाही नहीं है। 13 दीपक जलाने की परंपरा मुख्य रूप से त्रयोदशी तिथि और यम दीपदान से जुड़ी है। इसके अलावा आप अपनी श्रद्धा और घर की परंपरा के अनुसार अधिक दीपक भी जला सकते हैं।
