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Jharkhand: हेमंत सरकार के मंत्रिमंडल का हुआ बंटवारा, चंपई को जल संसाधन; जानें किसे क्या मिला

Jharkhand Ministers Portfolio: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने गृह मंत्रालय खुद अपने पास रखा, वहीं पूर्व सीएम चंपई सोरेन को जल संसाधन मंत्रालय मिला। आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि सभी 11 मंत्रियों में किस मंत्री को कौन सा विभाग सौंपा गया।

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झारखंड सरकार के किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला?

Photo : Twitter

Hemant Sarkar: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपने नये मंत्रिमंडल में मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए। उन्होंने गृह, कार्मिक और कैबिनेट सचिवालय जैसे प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के अलावा जल संसाधन विभाग भी आवंटित किया गया।

वैद्यनाथ राम को हेमंत ने सौंपा बड़ा जिम्मा

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वैद्यनाथ राम को विद्यालय शिक्षा और आबकारी विभाग का जिम्मा दिया गया है। राज्य के 12-सदस्यीय मंत्रिमंडल में नये चेहरों में से एक कांग्रेस की दीपिका पांडे सिंह को कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है। पहली बार मंत्री बने कांग्रेस के इरफान अंसारी को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और ग्रामीण निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है।

दीपक बिरुआ को मिले ये अहम मंत्रालय

‘हो’ जनजाति से ताल्लुक रखने वाले झामुमो के दीपक बिरुआ को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण और परिवहन विभाग सौंपा गया है। पिछले वर्ष अपने पति और पूर्व मंत्री जगन्नाथ महतो की मृत्यु के बाद डुमरी उपचुनाव जीतने वाली झामुमो की बेबी देवी को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग दिया गया है।

राजद के सत्यानंद भोक्ता को क्या मिला?

कांग्रेस के रामेश्वर उरांव को वित्त, योजना, वाणिज्यिक कर और संसदीय कार्य विभाग सौंपा गया। राजद के सत्यानंद भोक्ता को श्रम और उद्योग विभाग का प्रभार मिला, जबकि कांग्रेस के बन्ना गुप्ता को स्वास्थ्य तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग दिए गए। झामुमो विधायक हफीजुल हसन को अल्पसंख्यक कल्याण, पंजीकरण, शहरी विकास, पर्यटन और खेल एवं युवा मामले की जिम्मेदारी मिली है।

CM सोरेन ने अपने पास क्या-क्या रखा?

उनके पार्टी सहयोगी मिथिलेश कुमार ठाकुर को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग दिया गया। गृह, कार्मिक और कैबिनेट सचिवालय विभागों को अपने पास रखने के अलावा, मुख्यमंत्री के पास उन विभागों का भी प्रभार होगा जो किसी को आवंटित नहीं किए गए हैं। हेमंत सोरेन सरकार के आज विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद नये मंत्रियों ने शपथ ली।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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