Gopal Mandal : बिहार में नीतीश कुमार के विधायक गोपाल मंडल का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में वह पत्रकारों के सवालों से भड़क गए और उन पर अपना रसूख एवं दबदबा झाड़ने लगे। दरअसल, मंडल ने भागलपुर के जवाहर नेहरू अस्पताल में खुलेआम पिस्तौल लहराया था। इस पर पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो वह भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि वह पिस्तौल लहराएंगे। मीडियाकर्मियों के साथ 'तू-तड़ाम' करने वाले इस विधायक का वीडियो वायरल हो गया।
रिवॉल्वर लहराने पर सफाई दी
बताया गया कि विधायक मंडल अपनी पोती की अचानक तबियत बिगड़ जाने पर जल्दबाजी में रिवाल्वर तो ले लिया था, लेकिन बेल्ट बांधना भूल गए। हाथ में पिस्तौल लहराने के बारे में उन्होंने सफाई भी दी। मीडियाकर्मियों ने विधायक से सवाल किया कि अस्पताल जैसी जगहों पर पिस्तौल लेकर घूम रहे हैं... इसकी क्या जरूरत पड़ी?
...तू लोग हमारा बाप है?
पत्रकारों के सवाल पर भड़कते हुए उन्होंने कहा, 'निकालें पिस्तौल...अभी भी मेरे पास पिस्तौल है। क्या कहना चाहते हैं मुझे? दरअसल, रिवाल्वर का बेल्ट छूट गया तो पिस्तौल पायजामे की जेब में रख लिया। सीढ़ी पर चढ़ते समय पिस्तौल जेब से स्लिप कर गया।' पत्रकारों के लगातार सवाल पूछे जाने पर मंडल ने आपा खोते हुए कहा कि 'भाई तुम लोग पत्रकार हो कि क्या हो?' एक मीडियाकर्मी ने पूछा कि आप अस्पताल में पिस्तौल लहराएंगे तो विधायक ने कहा कि 'हां हम लहराएंगे। तू लोग हमारा बाप है?'
विधायक को मिली क्लीन चिट
मामले सामने आने के बाद सिटी डीएसपी और इंस्पेक्टर अस्पताल पहुंचे और इस घटना के बारे में अस्पताल कर्मियों, मरीजों एवं वहां मौजूद लोगों से बात की। इस पूछताछ में किसी ने भी विधायक के बर्ताव के बारे में कोई शिकायत नहीं की। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में भी विधायक की तरफ से लाइसेंसी रिवाल्वर का दुरुपयोग करते हुए नहीं पाया गया। पुलिस से विधायक को क्लीन चिट मिल गई है।
मंत्री अशोक चौधरी ने मंडल के बयान की निंदा की
इस घटना पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंडल के बयानों की कड़ी शब्दों में निंदा और भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि हम लोग पिस्तौल, गोली और बारूद वाले लोग नहीं हैं। हम लोग महात्मा गांधी के विचारों पर चलने वाले लोग हैं। वहीं, कास्ट सर्वे की रिर्पोट पर बीजेपी द्वारा उठाए गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि देश में जब-जब बड़ी क्रांति आती हैं, चाहे बाल विवाह हो,सती प्रथा हो उन्हें पत्थर खाने पड़े या उनके कपड़े उतार दिए गए। ये देश का पहला राज्य हैं जहां जातीय गणना हुई हैं।
