देश

Doda Encounter: ये हैं डोडा हमले के तीन आतंकी, सेना ने जारी किए स्केच, लाखों का इनाम घोषित

Doda Encounter: आतंकवादियों के स्केच जारी करते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ये तीनों जिले के ऊपरी इलाकों, खासकर डेसा जंगल में घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने स्थानीय लोगों से इन आतंकवादियों के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया है। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

Image

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डोडा हमले में शामिल आतंकियों के स्केच जारी किए।

Photo : Twitter

Doda Encounter: जम्मू-कश्मीर के डोडा इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने तीन आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। सेना ने दावा किया है कि तीनों आतंकी डोडा हमले में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद से तीनों डोडा के ऊपरी इलाके में छिपे हुए हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीनों आतंकियों के स्केच जारी करते हुए इनके बारे में सूचना देने पर पांच-पांच लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

बता दें, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 16 जुलाई को आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में एक कैप्टन समेत चार सैनिक शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शैडो ग्रुप कश्मीर टाइगर्स ने ली थी। इस हमले में आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें गोलीबारी के दौरान सेना के दो जवान घायल भी हो गए थे।

जम्मू को निशाना बना रहे आतंकी

जम्मू क्षेत्र स्थित डोडा में हाल के महीनों में कई आतंकवादी घटनाएं हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन वारदातों को पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं द्वारा पहाड़ी जिले में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयास के तौर पर देख रही हैं। आतंकवादियों के स्केच जारी करते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ये तीनों जिले के ऊपरी इलाकों, खासकर डेसा जंगल में घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने स्थानीय लोगों से इन आतंकवादियों के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया है। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों और नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर सहित एक दर्जन से अधिक फोन नंबर साझा किए हैं, ताकि लोग संपर्क कर सकें।

कुपवाड़ा में मुठभेड़

वहीं, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के कमकारी सेक्टर में शनिवार को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) के हमले को नाकाम कर दिया। हालांकि, इस दौरान छिड़ी मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया और एक कैप्टन सहित चार अन्य सैन्यकर्मी घायल हो गए। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी घुसपैठिया भी मारा गया। बैट में आम तौर पर पाकिस्तानी सेना के विशेष बल के जवान और आतंकवादी शामिल होते हैं। सूत्रों ने बताया कि घंटों चली भीषण गोलीबारी के बीच दो घुसपैठिये पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भाग गए। उन्होंने बताया कि तीन घुसपैठियों के समूह ने उत्तर कश्मीर जिले के त्रेहगाम सेक्टर में कुमकडी चौकी के पास अग्रिम चौकी पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

'SIR के लिए 'जिगर', वोटरों का सहयोग भी चाहिए, US जैसे देश भी चाह रहे इसे कराना', CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान

'SIR के लिए 'जिगर', वोटरों का सहयोग भी चाहिए, US जैसे देश भी चाह रहे इसे कराना', CEC ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द

आज की ताजा खबर, 25 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को मानने से इनकार किया, बेरोजगारी और महंगाई के बीच BJP जमीनी स्तर पर उतारेगी अपने नेता...दिल्ली में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भरा, 16 उड़ानें रद्द

कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.07 करोड़ नाम हटे, अब राज्य में 4.46 करोड़ मतदाता, 43 लाख को मिलेंगे नोटिस

कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.07 करोड़ नाम हटे, अब राज्य में 4.46 करोड़ मतदाता, 43 लाख को मिलेंगे नोटिस

हरियाणा के रोहतक से बड़ी खबर, राम रहीम फिर आया जेल से बाहर, 21 दिनों की पैरोल मिली

हरियाणा के रोहतक से बड़ी खबर, राम रहीम फिर आया जेल से बाहर, 21 दिनों की पैरोल मिली

'पित्तृसत्ता खत्म' करने वाले बयान पर रिजिजू का सवाल, पूछा-'केवल हिंदुओं को टारगेट क्यों करते हैं राहुल गांधी?'

'पित्तृसत्ता खत्म' करने वाले बयान पर रिजिजू का सवाल, पूछा-'केवल हिंदुओं को टारगेट क्यों करते हैं राहुल गांधी?'