Jairam Ramesh: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने रविवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे "एक आदमी, दो चेहरे वाली सरकार" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को देश के छात्रों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है, उसका एकमात्र मकसद केवल राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखते हुए जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभाग है, जिसके लिए हर समय एक पूर्णकालिक मंत्री की आवश्यकता होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रल्हाद जोशी के पास पहले से ही नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ-साथ उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय जैसे बड़े विभाग हैं। ऐसे में उन्हें एक और बड़े मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देना सरकार की अगंभीरता को दर्शाता है।
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जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में छात्र परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में छात्रों के मुद्दों और पुलिस की कथित बर्बरता पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत में छात्रों को बेहतर शिक्षा देने या गंभीर सुधार करने की कोई मंशा नजर नहीं आती।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया इस्तीफा
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रल्हाद जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच अपना इस्तीफा सौंपा था। प्रभार संभालने के बाद प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाएंगे।
