फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की बेंच 22 सितंबर को सुनवाई करेगी।
क्या था दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को जैकलीन फर्नांडिस की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपों की सच्चाई पर फैसला केवल निचली अदालत में ट्रायल के दौरान हो सकता है। कोर्ट ने दोहराया कि आरोप तय करने के चरण में साक्ष्यों की गहराई में नहीं जाया जा सकता है और न ही ED द्वारा रखे गए तथ्यों को नजरअंदाज किया जा सकता है।
दिल्ली HC ने जैकलीन की दलीलों को क्यों नकारा?
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिका का मकसद मुकदमे को समय से पहले खत्म करना था, जबकि चार्ज तय होने की प्रक्रिया अभी बाकी है। अदालत ने कहा, क्या वास्तव में आरोपी ने अपराध किया है, यह केवल ट्रायल में ही तय हो सकता है। कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि आरोपी की ओर से पेश की गई दलीलें सिर्फ बयानों पर आधारित हैं, जिनकी पुष्टि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही हो सकती है।
जैकलीन क्यों दी मुकदमा खारिज करने की अपील
जैकलीन फर्नांडिस ने अदालत में कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह इस मामले में बिना वजह फंसाई जा रही हैं। उन्होंने ईडी की ओर से दाखिल मुकदमे को रद्द करने और निचली अदालत द्वारा चार्जशीट पर संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती दी थी।
ईडी ने क्या आरोप लगाए हैं?
ईडी ने अगस्त 2022 में दाखिल अपनी चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था। आरोप है कि उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर से करीब 7 करोड़ रुपये के गहने और महंगे तोहफे स्वीकार किए। इसमें लग्जरी कारें, महंगे बैग, कपड़े, जूते और घड़ियां शामिल थीं। ईडी ने यह भी दावा किया कि :
1. जैकलीन को उनके मेकअप आर्टिस्ट ने 2020 में सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े समाचार लेख भेजे थे, फिर भी उन्होंने सतर्कता नहीं बरती।
2. उन्होंने सुकेश की ऑनलाइन जानकारी की पुष्टि नहीं की और उस पर भरोसा किया।
3. सुकेश की गिरफ्तारी के बाद जैकलीन ने अपने मोबाइल फोन से कुछ डेटा डिलीट कर दिया।
4. उन्होंने शुरू में वित्तीय लेन-देन की जानकारी छुपाई और केवल सबूत सामने आने पर स्वीकार किया।
महंगे गिफ्ट और ज्वैलरी को माना गया अपराध की कमाई का हिस्सा!
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर से मिले महंगे गिफ्ट, ज्वैलरी, लग्जरी कारें और अन्य कीमती वस्तुएं वास्तव में 200 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से हुई कमाई की रकम से खरीदी गई थीं।
ईडी के मुताबिक ये गिफ्ट सीधे तौर पर प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से हुई कमाई का हिस्सा हैं, जिन्हें आरोपी ने अभिनेत्री को सौंपा। यही कारण है कि उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED ने मामला दर्ज किया था।
PMLA में प्रोसीड्स ऑफ क्राइम का मतलब
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रोसीड्स ऑफ क्राइम का अर्थ है किसी भी अवैध गतिविधि से अर्जित की गई संपत्ति या पैसा, जिसे सीधे या परोक्ष रूप से अपराध से जोड़ा जा सके। इसमें नकद रकम, चल-अचल संपत्ति, गिफ्ट, ज्वैलरी, लग्जरी वस्तुएं या कोई भी संपत्ति शामिल हो सकती है जिसे अपराध की कमाई से खरीदा गया हो। ईडी ऐसे मामलों में यह साबित करने की कोशिश करता है कि आरोपी द्वारा उपयोग या प्राप्त की गई संपत्ति अपराध से जुड़ी है और इसलिए उसे जब्त किया जा सकता है।
