देश

Chandrayaan 3 Landing Live Streaming: चांद पर कब लैंड करेगा चंद्रयान-3, इसरो ने बता दिया टाइम; यहां देख सकेंगे लाइव

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 20, 2023, 03:17 PM IST

Chandrayaan 3 Landing Live Streaming: चंद्रयान-3, 23 अगस्त को 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। इसरो ने कहा है कि इस ऐतिहासिक पल की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी, जिससे इस अहम मौके का पूरा देश गवाह बन सके।

Image

चंद्रयान-3 की लैंडिंग डेट और समय

Photo : Twitter

Chandrayaan 3 Landing Live Streaming: 23 अगस्त, 2023 को जब चंद्रयान- 3 चांद की सतह पर उतरेगा तो देश ही नहीं दुनिया की नजरें भारत पर होंगी। फिलहाल चंद्रयान-3 तेजी से अपनी सफलता की ओर आगे बढ़ता जा रहा है। अब चंद्रयान-3 और चांद के बीच दूरी महज 25 किलोमीटर की रह गई है। इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) ने मिशन मून को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

इसरो की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3, 23 अगस्त को 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। इसरो ने कहा है कि इस ऐतिहासिक पल की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी, जिससे इस अहम मौके का पूरा देश गवाह बन सके।

यहां देख सकेंगे लाइव स्ट्रीमिंग

इसरो की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। इस ऐतिहासिक पल को आप इसरो की वेबसाइट isro.gov.in पर भी देख सकते हैं। इसके अलावा आप इसरो के यूट्यूब चैनल https://youtube.com/watch?v=DLA_64yz8Ss व फेसबुक पेज facebook.com/ISRO पर भी देख सकते हैं। इसके अलावा डीडी नेशनल टीवी पर भी इसका लाइव प्रसारण देखा जा सकता है। इसरो ने कहा है कि 23 अगस्त, 2023 को 5:27 मिनट से लाइव स्ट्रीमिंग शुरू हो जाएगी।

भारत बन जाएगा चौथा देश

18 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल का पहला डिबूस्टिंग ऑपरेशन हुआ था। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक, रहा तो 23 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद की सतह पर लैंड करेगा। इसरो को अब तक 23 अगस्त का इंतजार है, जब चंद्रयान-3 चांद की सतह पर लैंड करेगा। अगर भारत इसमें सफल रहता है तो रूस, अमेरिका और रूस के बाद चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा।

रूस का लूना-25 हुआ क्रैश

चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग से पहले रूस को बड़ा झटका लगा है। रूस के मिशन मून फेल हो गया है। रविवार को अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने कहा कि लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर दुर्घटाग्रस्त हो गया है। बता दें, 47 सालों बाद रूस का यह पहला चंद्र मिशन था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article