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हो गया तय, कांग्रेस के गठबंधन में केजरीवाल और ममता की एंट्री नहीं? जानें हर वो वजह जिसने विपक्षी एकता को तोड़ डाला!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jun 16, 2023, 10:28 PM IST

Opposition Unity: इस समय पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान वहां जमकर हिंसा की खबरें है। इस हिंसा को लेकर टीएमसी घिरी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। ​ इसी को लेकर शुक्रवार को जब ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए पलटवार किया तो भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी लपेट लिया।

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टीएमसी ने फिर से खोला कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा (फोटो- Facebook & PTI)

Opposition Unity: अभी की जो तस्वीर है, उससे ये तो साफ होता दिख रहा है कि जो आप और टीएमसी कुछ दिनों पर पहले कांग्रेस के साथ जाने की बात कह रहे थे, वो एक बार फिर से कांग्रेस के विरोध में जाने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों पार्टियों ने हाल के दिनों में ऐसा स्टेटमेंट दिया है जिससे शायद ही कांग्रेस 2024 के लिए बनाए जा रहे विपक्षी एकता में इन दोनों पार्टियों को शामिल करे, या इन दोनों के साथ जाए। ऐसा लग रहा है, जैसे तय हो चुका है कि 2024 के लिए कांग्रेस के विपक्षी गठबंधन में आप और टीएमसी की एंट्री बंद हो गई है।

ममता बनर्जी का ताजा हमला

इस समय पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान वहां जमकर हिंसा की खबरें है। इस हिंसा को लेकर टीएमसी घिरी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को जब ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए पलटवार किया तो भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी लपेट लिया वो भी तीखे शब्दों से। ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, मैंने देखा है कि कैसे मेरे और मेरे तृणमूल परिवार के खिलाफ राजनीति की जा रही है। यह बाम (वाम) - राम (भाजपा)- श्याम (कांग्रेस) हाथ मिला चुके हैं और हमें हराने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा- "कांग्रेस चाहती है कि हम भाजपा के खिलाफ लड़ाई में संसद में उनका समर्थन करें। हम उनका समर्थन करेंगे क्योंकि हम भी भाजपा से लड़ना चाहते हैं। लेकिन, अगर उनका यहां (बंगाल) हमारे खिलाफ लड़ने के लिए माकपा और भाजपा के साथ तालमेल बना रहता है तो उन्हें हमसे बंगाल में समर्थन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।"

AAP की शर्त

कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए, आप नेता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस को एक ऑफर दिया। इस ऑफर में कहा गया कि अगर कांग्रेस दिल्ली और पंजाब में चुनाव नहीं लड़ती है, तो आम आदमी पार्टी भी मध्य प्रदेश और राजस्थान में आगामी चुनाव नहीं लड़ेगी। सौरभ भारद्वाज यहीं नहीं रूके, उन्होंने कांग्रेस पर आप का मेनिफेस्टो चुराने का आरोप भी लगा दिया। आप नेता ने कहा- उन्होंने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। लेकिन, आज यह सी-सी-सी, कॉपी-कट-कांग्रेस हो गई है। कांग्रेस के पास ऐसे लोग नहीं बचे जो लोगों से बात कर सकें, एक अपना असली घोषणापत्र बना सकें।

वर्तमान स्थिति

विपक्षी एकता की कोशिश पिछले कई महीनों से देखने को मिल रही है। पहले केसीआर, टीएमसी, आप इन तीनों ने कांग्रेस से अलग गठबंधन की कोशिश की, फिर राहुल गांधी की सजा और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद टीएमसी और आप कांग्रेस के साथ आते दिखे, हालांकि कांग्रेस साफ कर चुकी है कि उसे आप और केसीआर पर 'भरोसा' नहीं है। एक तरफ आप दिल्ली अध्यादेश विवाद पर कांग्रेस से समर्थन मांग रही है, तो वहीं दूसरी तरफ वो कांग्रेस को अपनी शर्तों पर झुकाने की कोशिश भी कर रही है, जबकि साफ है कि अगर कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला तो यह विधेयक संसद से पास हो जाएगा। कांग्रेस ने आप को समर्थन के मामले पर अभी तक कुछ भी साफ नहीं कहा है, हालांकि पंजाब और दिल्ली के उसके नेता इसके विरोध में हैं। बंगाल में कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद से टीएमसी पर हमलावर है। ऐसे में ये तो तय लग रहा है कि अब कांग्रेस वाले विपक्षी गठबंधन में शायद ही आप और टीएमसी की एंट्री हो।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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