Global Energy Market : वैश्विक ऊर्जा को बंधन बनाए जाने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान को ईरान ने खारिज किया है। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री द्वारा इस्लामी गणराज्य ईरान के संबंध में की गई टिप्पणियों को वह खारिज करता है और इस बात पर जोर देता है कि ऐसे आरोप क्षेत्र की वास्तविकताओं को विकृत करने तथा संयुक्त राज्य अमेरिका की अस्थिरकारी नीतियों से ध्यान हटाने का स्पष्ट प्रयास हैं।
गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण प्रतिबंध हैं यूएस के प्रतिबंध-ईरान
दूतावास ने अपने बयान में कहा कि दुनिया के प्रमुख तेल और ऊर्जा निर्यातकों में से एक होने के नाते, इस्लामी गणराज्य ईरान हमेशा भारत गणराज्य सहित सभी देशों को अपने ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहा है। हाल के वर्षों में वैश्विक ऊर्जा बाजार को जिस चीज ने बंधक बना रखा है, वह ईरान के तेल निर्यात पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण प्रतिबंध हैं। ये प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए केवल ईरानी जनता पर आर्थिक दबाव डालने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
'पिछले 47 वर्षों से थोप रखा है प्रतिबंध'
बयान के मुताबिक तेल प्रतिबंध केवल उन व्यापक शत्रुतापूर्ण उपायों और दबावों का एक छोटा हिस्सा हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने पिछले 47 वर्षों से ईरानी जनता पर थोप रखा है। इन कदमों में दवाओं पर प्रतिबंध और ईरानी मरीजों की आवश्यक दवाओं तथा जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों तक पहुंच पर रोक भी शामिल रही है, जिससे दुर्भाग्यवश अनेक निर्दोष मरीजों का जीवन खतरे में पड़ा और व्यापक मानवीय पीड़ा उत्पन्न हुई।
होर्मुज संकट के लिए यूएस-इजराइल जिम्मेदार-ईरान
इस्लामी गणराज्य ईरान यह भी रेखांकित करता है कि वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को जो चीज बाधित और खतरे में डाल रही है, वह संयुक्त राज्य अमेरिका और ज़ायोनी शासन की सैन्य, उकसावे वाली और दुस्साहसिक कार्रवाइयां हैं। यही दोनों शासन वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा संकट को बढ़ावा देने वाले मुख्य कारक हैं और अस्थिरता तथा असुरक्षा पैदा कर अपने राजनीतिक और सैन्य उद्देश्यों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
'हमारा परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण'
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री द्वारा किए गए दावों के संबंध में, इस्लामी गणराज्य ईरान एक बार फिर याद दिलाता है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के एक प्रतिबद्ध सदस्य के रूप में उसने लगातार यह घोषित किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में संचालित हो रहा है। स्वयं IAEA ने अब तक ईरान की परमाणु गतिविधियों में किसी भी प्रकार के विचलन को न तो देखा है और न ही उसकी कोई रिपोर्ट दी है।
