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Israel War के बीच आज दिल्ली में खुफिया एजेंसियों का अलर्ट, कहा- 'माहौल बिगाड़ने की हो सकती है कोशिश'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 13, 2023, 07:34 AM IST

Israel Hamas War: इजराइल-हमास में जारी जंग के बीच खुफिया एजेंसियों के इनपुट में कहा गया है कि आज जुम्मे की नमाज के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन की आड़ में अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इस खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।

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दिल्ली पुलिस

Photo : PTI

Israel Hamas War: इजराइल और हमास के बीच शुरू हुई जंग अब अन्य मुल्कों तक भी पहुंचना शुरू हो गई है। गुरुवार को इजराइल ने सीरिया के दो एयरपोर्ट्स को निशाना बनाया और उस पर बमबारी की। इसके बाद स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो गई है। इस बीच भारतीय खुफिया एजेंसियों ने राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों के लिए हाईअलर्ट जारी किया है। एजेंसियों के इनपुट में कहा गया है कि हमास- इजराइल की आड़ में भारत में माहौल खराब करने की कोशिश की जा सकती है। इस इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस अब हाईअलर्ट मोड में आ गई है।

एजेंसियों के इनपुट में कहा गया है कि आज जुम्मे की नमाज के बाद दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन की आड़ में अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इस खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जुम्मे की नमाज के बाद दिल्ली के सभी जिलों के अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कों पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अन्य शहरों में भी सतर्कता बरती जा रही है।

इजराइली दूतावास की बढ़ाई जा चुकी है सुरक्षा

बता दें, इससे पहले भारत सरकार दिल्ली स्थित इजराइली दूतावास, भारत में इजराइली मिशन प्रमुख के आवास और यहूदी धर्मस्थलों की सुरक्षा बढ़ा चुकी है। इन सभी जगहों पर पर दिल्ली पुलिस का अतिरिक्त सुरक्षा वाहन तैनात किया गया है। अंदेशा है कि इजराइल-हमास जंग के बीच इन जगहों पर भी संदिग्ध गतिविधियां हो सकती हैं।

हमास के हमले में मारे जा चुके हैं 1200 से ज्यादा इजराइली

7 अक्टूबर को फलिस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास ने इजराइल पर हमला कर दिया था। हमास ने 20 मिनट के अंदर 3000 से ज्यादा रॉकेट इजराइल पर दागे, जिससे बड़े स्तर पर नरसंहार हुआ है। इजराइली डिफेंस फोर्स के मुताबिक, हमास द्वारा किए गए हमले में अब तक 1200 से ज्यादा इजराइली नागरिकों की मौत हो चुकी है और करीब 3000 से ज्यादा लोग घायल भी हैं। वहीं 95 से ज्यादा परिवरों को हमास आतंकियों ने बंधक बना रखा है। इस हमले के बाद इजराइल की आर से भी जंग का ऐलान कर दिया गया है। इजराइली फोर्सों ने गाजा पट्टी पर कब्जा जमाने का दावा किया है वहीं फलिस्तीन में भी अब तक करीब 900 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और करीब 4000 लोग घायल हुए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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