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अपने लापता होने के बारे में सोनम ने क्या कुछ कहा, गाजीपुर के ढाबे वाले ने बताया, चौथा आरोपी भी अरेस्ट

ढाबा मालिक साहिल यादव के मुताबिक सोनम ने दावा किया कि मेघालय में उसके गहने लूटने की कोशिश हुई। इस दौरान वह बेहोश वह गई और उसे नहीं पता कि वह कैसे यहां पहुंच गई। इसके बाद साहिल और गोविंद ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और सोनम को अपनी हिरासत में ले लिया।

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सोमवार तड़के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली सोनम।

Sonam Raghuvanshi News : अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के बाद लापता चल रही सोनम सोमवर तड़के उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस को मिली। सोनम ने सोनम 23 मई से मेघालय के इस्ट खासी हिल्स से लापता हो गई थी। उसकी तलाश में व्यापक अभियान चलाया गया था लेकिन गाजीपुर में वह पुलिस की गिरफ्त में आ गई। मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने ही सुपारी देकर अपने पति राजा की हत्या कराई। इस सनसनीखेज मामले में अब तक सोनम सहित पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

मेघालय में मेरे गहने लूटने की कोशिश हुई-सोनम

रिपोर्टों के मुताबिक ढाबा मालिक साहिल यादव के मुताबिक सोनम ने दावा किया कि मेघालय में उसके गहने लूटने की कोशिश हुई। इस दौरान वह बेहोश वह गई और उसे नहीं पता कि वह कैसे यहां पहुंच गई। इसके बाद साहिल और गोविंद ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और सोनम को अपनी हिरासत में ले लिया। साहिल का कहना है कि सोनम उसके ढाबे पर रात के करीब एक बजे पहुंची और उसका फोन मांगा। इसके कुछ ही समय बाद वह अपने भाई गोविंद से बात करते हुए रोने लगी।

ढाबे के पास किसने छोड़ा, यह नहीं बताया

सोनम से अपनी मुलाकात के बारे में याद करते हुए साहिल ने कहा कि मदद पाने के लिए पहले वह कुछ अन्य लोगों के पास गई लेकिन लोगों ने उसकी मदद करने से मना कर दिया। इसके बाद वह उसके पास आई और मोबाइल फोन मांगा। इसके बाद उसने अपने भाई को फोन किया और रोने लगी। साहिल का कहना है कि सोनम ने बताया कि वह अकेली है। उसे ढाबा के पास छोड़ा गया है। ढाबे के पास उसे किसने छोड़ा, इस बारे में उसने कोई ब्योरा नहीं दिया। वहीं, सड़क पर एक दुकान चलाने वाले बताया कि उसकी दुकान पर सोनम करीब दो घंटे तक रुकी थी। साहिल ने बताया कि पहली दफा सोनम को देखने से ऐसा नहीं लगा कि वह कई दिनों से लापता है और किसी परेशानी में है।

मेघालय से लौटने का टिकट बुक नहीं था

मृतक राजा की मां ने सोमवार को दावा किया कि पूर्वोत्तर के राज्य में अपने पति के साथ हनीमून पर जाने की योजना उनकी बहू सोनम ने बनाई थी, लेकिन उसने वहां से वापसी का टिकट बुक नहीं कराया था। मेघालय पुलिस का कहना है कि सूबे में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या में उनकी पत्नी सोनम कथित रूप से शामिल थी जिसने वहां भाड़े के हत्यारे बुलाए थे। मेघालय पुलिस ने हत्याकांड के चार संदिग्धों को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया है। मेघालय पुलिस के इस खुलासे के बाद राजा रघुवंशी के परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई है, जबकि सोनम के पिता ने अपनी बेटी को बेगुनाह बताते हुए हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है।

राजा इतनी जल्दी हनीमून पर नहीं जाना चाहता था-मृतक की मां

राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने संवाददाताओं को बताया, ‘मेरा बेटा सोनम के कहने पर ही उसके साथ मेघालय घूमने गया था। वह इतनी जल्दी हनीमून पर नहीं जाना चाहता था। मेरे बेटे ने मुझे बताया था कि सोनम ने मेघालय की यात्रा का टिकट बुक करा लिया है। इस पर मैंने उससे कहा था कि अगर टिकट बुक हो चुका है, तो उसे पत्नी के साथ मेघालय घूमने जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, ‘मेरे बेटे ने मुझे यह भी बताया था कि सोनम ने मेघालय से दोनों की वापसी का टिकट बुक नहीं कराया है, लेकिन वे छह-सात दिन में वहां से इंदौर लौट आएंगे।’

चौथा आरोपी भी गिरफ्तार

इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को बीना के बसारी गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आनंद कुर्मी के रूप में हुई है, जो कि मुख्य आरोपी विक्की का पड़ोसी बताया जा रहा है। इंदौर पुलिस और शिलांग पुलिस की संयुक्त टीम ने ख़िमलाशा थाना क्षेत्र के बसारी गांव में छापेमारी कर आरोपी आनंद को पकड़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आनंद, विक्की के साथ मिलकर हत्या की साजिश में शामिल था। दोनों ने मिलकर इस पूरे मामले की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार, आनंद कुर्मी हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। आरोपी के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस जघन्य हत्या की गुत्थी अब और भी अधिक स्पष्ट हो पाएगी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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