देश

देश का सबसे साफ शहर पान-गुटखे की पीक से हुआ बदरंग, थूकने के लिए लोगों को बांटे जा रहे खास कप

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Feb 24, 2023, 05:40 PM IST

इंदौर में प्रशासन के लाख समझाने के बावजूद लोगों के पान-गुटखे की पीक थूकने की बुरी आदत पर रोक नहीं लग पा रही है। इसके मद्देनजर अब प्रशासन ने नए उपाय करने शुरू कर दिए हैं।

Image

इंदौर में प्रशासन के लाख समझाने के बावजूद लोगों के पान-गुटखे की पीक थूकने की बुरी आदत पर रोक नहीं लग पा रही है।

Photo : iStock

जिस शहर को स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है, उसी शहर को लोगों ने पान-गुटखे की पीक से बदरंग कर दिया है। जी हां, बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की जहां लोगों की थूकने की आदत पर रोक लगाना असंभव सा हो गया है। इसके मद्देनजर अब प्रशासन ने नए उपाय करने शुरू कर दिए हैं।

प्रशासन के लाख समझाने के बावजूद सुधर नहीं रहे लोग

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछले छह साल से सिरमौर इंदौर शहर में स्थानीय प्रशासन के लाख समझाने के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के पान-गुटखे की पीक थूकने की बुरी आदत पर रोक नहीं लग पा रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने शुक्रवार से लोगों को पर्यावरण हितैषी कप मुफ्त में बांटने का अभियान शुरू किया जिसमें वे पीक थूक सकते हैं। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव को शहर के व्यस्त बंगाली चौराहे पर ‘नो थू-थू अभियान के तहत’ वाहन चालकों, राहगीरों और पान दुकान संचालकों को ये कप बांटते देखा गया।

लोगों को मुफ्त खास कप बांट रहा है प्रशासन

भार्गव ने कहा, हम चाहते हैं कि शहर के लोग सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत बदलें। इसके लिए हम लोगों को विशेष कप बिना किसी शुल्क के मुहैया करा रहे हैं ताकि उन्हें यहां-वहां थूकने का विकल्प मिल सके। इस कप को स्थानीय स्टार्ट-अप ‘एक पहल’ ने तैयार किया है। स्टार्ट-अप के सह-संस्थापक और पेशे से मुख सर्जन डॉ. अतुल काला ने बताया कि विशेष रसायनों से तैयार कप पान-गुटखे की पीक या मुंह से निकले किसी भी तरल पदार्थ को ठोस कचरे में तब्दील कर देता है।

एक कप में 30 बार थूका जा सकता है

उन्होंने बताया कि ऐसे एक कप में 30 बार थूका जा सकता है और इसमें मुंह से निकला 240 मिलीलीटर तरल पदार्थ समा सकता है। बता दें कि स्थानीय प्रशासन लंबे समय से कोशिश कर रहा है कि लोग सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बाज आएं। शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश देने के लिए महापौर और अन्य जन प्रतिनिधि को पिछले साल दिसंबर में सड़कों के डिवाइडर से पान-गुटखे की पीक के लाल धब्बे साफ करते नजर आए थे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article