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Indore Bhopal Expressway: दो घंटे में भोपाल से इंदौर, साथ ही बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर; 70 मी. होगी चौड़ाई

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 16, 2022, 11:55 PM IST

Indore Bhopal Expressway: मध्यप्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब इस पर काम शुरू हुआ था। हालांकि योजना की घोषणा शिवराज सिह चौहान की सरकार ने की थी। योजना थी कि इसे 2022 तक तैयार कर दिया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे की चौड़ाई 70 मीटर होगी और इससे भोपाल और इंदौर की दूरी आधे घंटे कम हो जाएगी।

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इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे 2030 तक हो जाएगा पूरा (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

Indore Bhopal Expressway: भोपाल इंदौर एक्सप्रेसवे का काम जारी है। प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। एक बार इस प्रक्रिया के पूरी हो जाने के बाद परियोजनाओं के अन्य पहलुओं पर काम शुरू किया जाएगा।

ये हैं खुबियां

प्रस्तावित भोपाल-इंदौर एक्सप्रेसवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ट्रैफिक संबंधी कई समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी। साथ ही दुर्घटनाओं में भी कमी देखने को मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे छह लेन की होगी। इस बनाने में 5,000 करोड़ रुपये का खर्च होगा। यह छह लेन का ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इंदौर और भोपाल के बीच की दूरी को 195 किमी से घटाकर 157 किमी कर देगा और यात्रा का समय घटाकर केवल 2 घंटे कर देगा।

होगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

भोपाल-इंदौर एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ ही साइड में एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का भी निर्माण किया जाएगा। यहां व्यापार को आसान बनाने के लिए नए टाउनशिप के विकास के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी। इसे 2030 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सात एंट्री प्वाइंट

इस परियोजना के लिए 1500 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए 530 करोड़ रुपये की भारी राशि निर्धारित की गई है। एक्सप्रेसवे के पूरे मार्ग में केवल सात एंट्री प्वाइंट होंगे। ये एंट्री प्वाइंट कोलार, मंडीदीप, आष्टा में होंगे।

कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

जब इस परियोजना की घोषणा की गई थी, तब इस पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2022 तक पूरा किया जाना था। हालांकि अब परियोजना में देरी होती दिख रही है। कारण है कि अभी भोपाल और इंदौर के बीच पहले से ही एक अच्छी सड़क मौजूद है। जिसके कारण इस सड़क की अभी के समय में उपयोगिता कम बताई जा रही है। साथ ही फंड की कमी भी इस परियोजना में देरी की एक वजह बताई जा रही है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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